खबर किसानों की : किसान घर बैठे ले सकेंगे खाद का ई-टोकन, तीन दिन तक रहेगा वैध, अभी 50 प्रतिशत, बाद में बची खाद मिलेगी
किसानों को खाद के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब किसानों को मोबाइल फोन पर ई-टोकन जनरेट कर अपने चुने वितरण केंद्र से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । किसानों को उनकी पज के लिए खाद आसानी से मिल सके इसके लिए ई-टोकन प्रणाली लागू की गई है। किसान ई-टोकन घर पर ही अपने मोबाइल पर जनरेट कर सकेंगे। अभी 50 फीसदी और उसके बाद बाकी रही खाद मिलेगी। खाद कहां से लेना है, यह विकल्प चुनने का अधिकार भी किसानों को दिया गया है।
कृषि विभाग के उप संचालक आर. के. सिंह ने बताया कि ई-विकास प्रणाली के तहत अब किसान घर बैठे अपने मोबाइल फोन से ई-टोकन बुक कर सकेंगे। इस टोकन के जरिए किसान को चुने गए स्थान पर तुरंत खाद मिल जाएगी। सिंह ने बताया कि सहकारी समितियों के सदस्यों को समिति से खाद का वितरण होगा। जो किसान समिति के सदस्य नहीं हैं उन्हें भी टोकन जारी होगा। इसके जरिए निजी दुकानदार एवं नगद विक्रय केन्द्र से खाद मिलेगी। खरीफ सीजन के लिए किसानों को रकबे के अनुसार निर्धारित मात्रा का 50 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। फिर बचा हुआ हिस्सा आने वाले महीनों में इसी तरह ई-टोकन के जरिए मिलेगा।
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अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
कृषि उप संचालक ने बताया कि कलेक्टर मिशा सिंह द्वारा खाद वितरण की पारदर्शी व्यवस्था के संबंध में सभी समितियों / खाद विक्रेताओं एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। 01 अप्रैल 2026 से जिले में खाद का शत-प्रतिशत वितरण ई-विकास प्रणाली के जरिए ही किया जाना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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मोबाइल के माध्यम से जनरेट कर सकेंगे टोकन
किसान अपने मोबाइल फोन से पोर्टल पर टोकन जनरेट कर सकेंगे। समिति सदस्यों को संबंधित समिति के स्टॉक की जानकारी के सांथ उन्हें मिलने वाली निर्धारित मात्रा का 50 प्रतिशत आवंटन जारी होगा। इस टोकन को दिखाते ही उन्हें खाद मिलेगा। वहीं गैर सदस्यों को नजदीकी निजी क्षेत्र की दुकान की जानकारी उपलब्ध होने के साथ निर्धारित मात्रा अंकित वाला टोकन मिलेगा।
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सभी को मिलेगी खाद, पोर्टल पर मिलेगी विकल्प
समिति के सदस्य, गैर सदस्य, बटाईदार, सिकमी वाले या किसी ट्रस्ट या मंदिर को दान में मिली जमीन पर किसानी करने वाले सभी किसानों को खाद ई-टोकन से मिलेगी। पोर्टल पर सभी तरह के विकल्प मिलेंगे। अपनी पात्रतानुसार किसान को विकल्प चुनना होगा। किसानों को खाद पात्रतानुसार आसानी से उपलब्ध होगा।







