भ्रष्टाचार पर चोट ! रिश्वतखोर पूर्व CMO नीता जैन सहित दो लोगों को 4 साल की सजा, 5 साल पहले ठेकेदार से 18,500 रुपए की घूस ली थी
रतलाम के विशेष न्यायालय ने जावरा नगर पालिका पूर्व सीएमओ और एक सहायक राजस्व निरीक्षक को रिश्वत लेने के मामले में सजा सुनाई है। आरोपियों ने एक ठेकेदार से 18 हजार रुपए से अधिक रिश्वत ली थी।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष न्यायाधीश संजीव कटारे ने जावरा की पूर्व सीएमओ नीता जैन और तत्कालीन सहायक राजस्व निरीक्षक (बाबू) विजयसिंह शक्तावत को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। लोकायुक्त की टीम ने दोनों को एक ठेकेदार से बिल पास करने और उसकी एफडी रिलीज करने के लिए 18 हजार 500 रुपए की घूस देते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। भ्रष्टाचार का दोषी पाए जाने पर न्यायालय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोनों को 4-4 साल की सजा और 2-2 हजार रुपए अर्थदंड भी दिया गया है।

सहायक निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार ने बताया कि 9 मार्च 2021 को फरियादी पवन भावसार ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। पवन ने बताया था कि उसके दोस्त सुरेश प्रजापत के लाइसेंस पर जावरा नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में पेवर ब्लॉक, फ्लोरिंग और अन्य निर्माण कार्य किए गए थे। काम समय पर पूरा होने के बाद नगर पालिका में जमा एफडी रिलीज करने और फाइनल बिल स्वीकृत करने के लिए तत्कालीन सीएमओ नीता जैन ने बिल की कुल राशि का 3 प्रतिशत कमीशन मांगा था।
लोकायुक्त टीम ने किया था गिरफ्तार
शाक्यवार के असार लोकायुक्त ने शिकायत की पुष्टि के लिए वॉइस रिकॉर्डिंग कराई थी। जांच में सामने आया कि सीएमओ नीता जैन की तरफ से सहायक राजस्व निरीक्षक विजय शक्तावत ने 26 हजार रुपए की रिश्वत की मांगी। हालांकि, बात 20 हजार रुपए में फाइनल हुई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार करने की योजना बनाई।
सीएमओ जैन से पूछकर ली थी रिश्वत
लोकायुक्त ने शिकायतकर्ता पवन भावसार को 12 मार्च 2021 को केमिकल लगे नोट (15 हजार रुपए) लेकर आरोपी सहायक राजस्व निरीक्षक विजयसिंह शक्तावत के पास भेजा। पवन ने उससे कहा कि 5 हजार रुपए काम होने के बाद दे देगा, लेकिन शक्तावत नहीं माना। वह सीएमओ नीता जैन के कक्ष में गया और वापस आकर कहा कि मैडम पूरे 20 हजार रुपए मांग रही हैं। इसके चलते पवन ने 18,500 रुपए विजयसिंह शक्तावत को दे दिए। जैसे ही शक्तावत ने वे रुपए अपनी पैंट की जेब में रखे, लोकायुक्त की टीम ने उसे धरदबोचा। शक्तावत के हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाने पर उनका रंग गुलाबी हो गया।
CMO मंदसौर और सहायक राजस्व निरीक्षक जावरा निवासी
शाक्यवार ने बताया कि लोकायुक्त ने मामले में तत्कालीन सीएमओ नीता जैन (निवासी नई आबादी मंदसौर) को मुख्य आरोपी जबकि राजस्व निरीक्षक विजयसिंह शक्तावत (निवासी लालइमली गली जावरा) को सहआरोपी बनाया। विवेचना के बाद 21 जून 2023 को रतलाम के विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में चालान प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण के बाद न्यायालय ने दोनों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120-बी का दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक कृष्णकांत चौहान ने की।
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