PM in Gujarat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में 22800 करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाएं जनता को समर्पित की, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दो ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के दाहोद में विभन्न रेल परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाई।

May 26, 2025 - 20:34
May 26, 2025 - 20:36
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PM in Gujarat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में 22800 करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाएं जनता को समर्पित की, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दो ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाई
नए रेल इंजिन में बैठ कर जानकारी लेते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

एसीएन टाइम्स @ दाहोद । भारतीय रेल ने गुजरात के बहुआयामी विकास में बड़ा योगदान दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 मई, 2025 (सोमवार) को गुजरात के दाहोद में 22,800 करोड़ रुपए से अधिक की लागत की कई प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नई वेरावल (सोमनाथ) - साबरमती (अहमदाबाद) वंदे भारत एक्सप्रेस तथा वलसाड - दाहोद एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने दाहोद की अपनी यात्रा के दौरान भारतीय रेल के नए लोकोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र का निरीक्षण तथा लोकार्पण किया। यह संयंत्र घरेलू ज़रूरतों के साथ-साथ निर्यात के लिए भी 9000 एचपी के 1200 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का निर्माण करेगा। प्रधानमंत्री ने संयंत्र से निर्मित पहले इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को भी हरी झंडी दिखाई। इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने दाहोद में सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लिया तथा नई वंदे भारत और एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने सहित लगभग 22,800 करोड़ रुपए की लागत वाली कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

कई स्टेशनों पर हुए आयोजन

इस अवसर पर वेरावल, वलसाड, आणंद, राजकोट, दाहोद, साबरमती आदि कई स्टेशनों पर समारोह आयोजित किए गए। इनमें सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों आदि गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में आमजन भी उपस्थित रहे। 

आणंद - गोधरा (78.80 किमी) दोहरीकरण परियोजना

78.80 किलोमीटर लंबे आणंद - गोधरा खंड का दोहरीकरण 693 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हुआ है। आणंद -गोधरा खंड गुजरात के आणंद, पंचमहल और वडोदरा जिलों से होकर गुजरता है। यह खंड अहमदाबाद से रतलाम की ओर एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में कार्य करता है, जो व्यस्त वडोदरा स्टेशन को प्रभावी ढंग से बायपास करता है। पहले यह सिंगल लाइन वाला खंड अब डबल लाइन वाले खंड में अपग्रेड किया गया है। इसने भारी ट्रैफिक वाले अहमदाबाद-वडोदरा और वडोदरा-गोधरा खंडों में भीड़भाड़ को काफी हद तक कम कर दिया है, जिससे यात्री और माल यातायात दोनों को फायदा हुआ है। इससे ट्रेन की समयपालनता में सुधार हुआ है और यात्रा का समय कम हुआ है, जिससे दैनिक यात्रियों, व्यापारियों, पर्यटकों, छात्रों और व्यापारिक यात्रियों के लिए आसान और तेज आवाजाही की सुविधा हुई है।

साबरमती - बोटाद खंड का विद्युतीकरण और गुजरात राज्य में रेल नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण

106 किलोमीटर लम्बी तथा 333 करोड़ रुपए की लागत वाली साबरमती-बोटाद रेल लाइन का विद्युतीकरण अहमदाबाद और बोटाद के जिलों को कवर करता है। यह परियोजना गुजरात में रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण को पूरा करके एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। यह भावनगर के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करता है और अहमदाबाद और आस-पास के क्षेत्रों तक पहुँच को बेहतर बनाता है। यह पहल पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ और तेज़ परिवहन सुनिश्चित करती है। इसने जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता को भी कम किया है। 

रोलिंग स्टॉक कारखाना, दाहोद में लोको मैन्युफैक्चरिंग शॉप 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दाहोद में लोको मैन्युफैक्चरिंग शॉप का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अप्रैल 2022 में दाहोद के रोलिंग स्टॉक कारखाना में नए लोको मैन्युफैक्चरिंग शॉप की आधारशिला रखी थी। इस परियोजना में मैन्युफैक्चरिंग कारखाने के निर्माण की लागत यानी 645 करोड़ रुपए और अगले 11 वर्षों में 20,760 करोड़ रुपए की लागत से 1,200 हाई-हॉर्सपावर (9,000 एचपी) इलेक्ट्रिक फ्रेट लोकोमोटिव का उत्पादन शामिल है, जिससे इसकी कुल लागत 21,405 करोड़ रुपए हो जाएगी। इस अत्याधुनिक शॉप का उद्देश्य लोकोमोटिव का उत्पादन करना है, जिससे भविष्य में ट्रेन संचालन के लिए इंजनों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

राजकोट – हड़मतिया (39 किमी) दोहरीकरण परियोजना (राजकोट – कानालुस दोहरीकरण परियोजना का हिस्सा - 111.20 किमी)

राजकोट- कानालुस दोहरीकरण परियोजना का 39 किलोमीटर का राजकोट - हड़मतिया खंड लगभग 377 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हुआ है। पहले सिंगल लाइन वाला राजकोट - हड़मतिया खंड अब डबल लाइन खंड में अपग्रेड हो गया है। यह अतिरिक्त लाइन मौजूदा खंड पर भीड़भाड़ कम करने, ट्रैक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ इस खंड पर ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार करने में मदद करेगी। यह परियोजना इस क्षेत्र में उद्योगों से माल यातायात के कुशल आवागमन के साथ माल परिवहन को भी एक प्रमुख प्रोत्साहन प्रदान करती है। यह पर्यटन को बढ़ावा देती है और यात्रियों, विशेष रूप से तीर्थ स्थल द्वारका की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए लाभदायक है। 

दाहोद कारखाना में निर्मित इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का उदघाटन

हाई हॉर्स पॉवर वाले इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (9000 एचपी) भारत के सबसे शक्तिशाली और लागत प्रभावी इंजनों में से एक है। गर्व से, भारत में निर्मित, ये लोकोमोटिव अत्याधुनिक IGBT प्रपल्शन तकनीक से लैस हैं, जो इसे ऊर्जा कुशल बनाता है। इन लोकोमोटिव में 4500 से 5000 टन कार्गो का भार 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से, यहां तक कि खड़ी ढलान पर भी ढोने की क्षमता है। ये लोकोमोटिव रेल द्वारा कार्गो परिवहन के भविष्य को बदलने के लिए तैयार हैं। इनका निर्माण भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर वर्ल्ड' पहल के तहत किया जा रहा है। 

वेरावल (सोमनाथ) और साबरमती (अहमदाबाद) के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी लाती है, जिससे तीर्थस्थल सोमनाथ मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को तेज़ और अधिक सुविधाजनक यात्रा मिलती है। यह ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जो यात्रियों के लिए बेहतर आराम और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करती है। 

वलसाड और दाहोद स्टेशनों के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन

वलसाड और दाहोद स्टेशनों के बीच एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत से दक्षिण गुजरात और दाहोद के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है। इस बेहतर रेल संपर्क से वलसाड के आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों तक सीधी पहुंच प्रदान करके दाहोद और आस-पास के आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, यह क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देता है, गुजरात भर में सुचारू व्यापारिक आवाजाही की सुविधा प्रदान करता है, और यात्रियों को यात्रा का एक सुरक्षित, कुशल और समयबद्ध माध्यम प्रदान करता है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।