प्रकटोत्सव विशेष ! ‘गुण अनंत हनुमान के..., अजर - अमर हनुमान...’ -प्रो. अज़हर हाशमी

हनुमान जी ने तप, ध्यान और साधना से अपने मन को पूरी तरह नियंत्रित किया। मन, वचन और कर्म, इन तीनों में संतुलन, भक्त को प्रभु के और निकट लाता है। हनुमान जी के ये पाँच गुण किसी भी भक्त को आधुनिक जीवन की चुनौतियों से लड़ने में शक्ति देते हैं। ऐसे हनुमान जी पर प्रो. अज़हर हाशमी द्वारा लिखे ये दोहे आपके अवलोकनार्थ।

Apr 12, 2025 - 21:30
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प्रकटोत्सव विशेष ! ‘गुण अनंत हनुमान के..., अजर - अमर हनुमान...’ -प्रो. अज़हर हाशमी
हनुमान प्रकटोत्सव पर विशेष।

प्रो. अज़हर हाशमी

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सभी देव वाहन सहित, बिन वाहन हनुमान ।

500
200

फिर भी सबसे तेज गति, पवन पुत्र पहचान ।। 

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मन को पढ़ने में कुशल, प्रखर बुद्धि हनुमान ।

इसलिए कहलाते हैं, हनुमत प्रज्ञावान ।।

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ईमेल के मूल जनक, पवन - पुत्र हनुमान ।

हनुमान की विशेषता, ध्यान, ज्ञान - विज्ञान ।।

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गुण अनंत हनुमान के, संभव नहीं बखान ।

यही कारण त्रिलोक में, अजर - अमर हनुमान ।।

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प्रो. अज़हर हाशमी

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।