सरकारी अस्पताल में कमाल ! एड़ी की ‘मृत’ नस (FHL टेंडन) ट्रांसफर कर Achilles फेल्योर का किया सफल उपचार, डॉ. दिनेश भूरिया की टीम ने की 4 घंटे की जटिल सर्जरी

रतलाम के शासकीय अस्पताल में FHL टेंडन ट्रांसफर सर्जरी से Achilles टेंडन फेल्योर का सफल इलाज, डॉ. दिनेश भूरिया की टीम ने जटिल ऑपरेशन कर मरीज को फिर से चलने योग्य बनाया।

Apr 13, 2026 - 21:25
Apr 13, 2026 - 21:31
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सरकारी अस्पताल में कमाल ! एड़ी की ‘मृत’ नस (FHL टेंडन) ट्रांसफर कर Achilles फेल्योर का किया सफल उपचार, डॉ. दिनेश भूरिया की टीम ने की 4 घंटे की जटिल सर्जरी
रतलाम के सरकारी जिला अस्पताल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भूरिाय ने की जटिल सर्जरी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले के बड़े सरकारी अस्पताल (Government Hospital Ratlam) ने एक बार फिर उन्नत ऑर्थोपेडिक सर्जरी (Advanced Orthopedic Surgery) के क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध की है। वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भूरिया (Dr. Dinesh Bhuria) ने फ्लेक्सर हैलूसिस लॉन्गस (Flexor Hallucis Longus - FHL) टेंडन ट्रांसफर (Tendon Transfer) जैसी जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इसके माध्यम से 62 वर्षीय मरीज छविलाल पाटीदार को पुनः कार्यात्मक गतिशीलता (Functional Mobility) प्राप्त हुई।

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जानकारी के अनुसार फ्लेक्सर हैलूसिस लॉन्गस (Flexor Hallucis Longus - FHL) टेंडन ट्रांसफर (Tendon Transfer) सामान्यतः उच्च स्तरीय निजी संस्थानों (Tertiary Private Hospitals) में ही उपलब्ध होती है। परंतु रतलाम के डॉ. निदेश भूरिया ने इसे सीमित संसाधनों वाले जिला अस्पताल में बीच शासकीय अस्पताल में सफलतापूर्वक करना चिकित्सा दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस सर्जिकल हस्तक्षेप (Surgical Intervention) के लिए सिविल सर्जन का मार्गदर्शन निर्णायक रहा। सुविचारित प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग (Pre-operative Planning) और टीम-आधारित सटीक निष्पादन (Team-based Execution) के माध्यम से डॉ. भूरिया और उनकी टीम ने इस उच्च जोखिम (High-risk) प्रक्रिया को सफल बनाया।

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क्लीनिकल बैकग्राउंड : मरीज की स्थिति गंभीर

खाचरोद तहसील (Khachrod Tehsil) निवासी छविलाल पाटीदार लंबे समय से Achilles टेंडन (Achilles Tendon) की गंभीर विकृति से पीड़ित थे। टेंडन पूर्णतः क्षतिग्रस्त (Complete Rupture) हो चुका था, जिससे चलना-फिरना अत्यंत कष्टप्रद हो गया था। उपचार के लिए मरीज को वडोदरा (Vadodara) भी ले जाया गया था, लेकिन उच्च उपचार लागत (High Treatment Cost) के कारण प्रक्रिया संभव नहीं हो सकी। रतलाम में परामर्श के दौरान विस्तृत क्लीनिकल असेसमेंट (Clinical Assessment) के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया।

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FHL टेंडन ट्रांसफर : एक एडवांस रिकंस्ट्रक्टिव विकल्प

फ्लेक्सर हैलूसिस लॉन्गस (FHL) टेंडन, उच्च शक्ति (High Tensile Strength) और स्वाभाविक रक्त आपूर्ति (Intrinsic Vascularity) के कारण रिकंस्ट्रक्शन (Reconstruction) के लिए उपयुक्त माना जाता है। यह Achilles टेंडन (Achilles Tendon) के विकल्प के रूप में कार्य करते हुए बेहतर हीलिंग (Enhanced Healing) सुनिश्चित करता है। Achilles टेंडन रप्चर (Achilles Tendon Rupture) की स्थिति में तीव्र एड़ी दर्द (Severe Heel Pain), चाल में असंतुलन (Gait Instability), प्राकृतिक रिपेयर की संभावना कम (Poor Natural Healing Potential) रहती है।

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सर्जिकल टेक्नीक: मल्टी-स्टेप हाई-प्रिसीजन प्रोसीजर

पोस्टेरोमेडियल अप्रोच (Posteromedial Approach) से सर्जिकल एक्सेस प्राप्त किया गया।
• FHL टेंडन की सटीक पहचान (Precise Identification) कर उसे डिस्टल रिलीज (Distal Release) किया गया।
कैल्केनियस (Calcaneus) में ड्रिलिंग द्वारा बोन टनल (Bone Tunnel Creation) तैयार की गई
टेंडन हार्वेस्टिंग (Tendon Harvesting) के पश्चात उसे टनल के माध्यम से पास कर फिक्सेशन (Fixation) किया गया।
इंटरफेरेंस स्क्रू (Interference Screw) के माध्यम से इष्टतम टेंशनिंग (Optimal Tensioning) सुनिश्चित की गई।

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ऑपरेशन : टीम-कोऑर्डिनेशन का उदाहरण

करीब चार घंटे चली इस जटिल सर्जरी में निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. महेश मौर्य (Dr. Mahesh Maurya, Anesthesiology) सहित पूरी टीम का समन्वय (Intraoperative Coordination) अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। ऑपरेशन थियेटर (Operation Theatre) स्टाफ, नर्सिंग यूनिट (Nursing Unit) और टेक्निकल सपोर्ट ने प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संचालित किया। एक ही सत्र में टेंडन हार्वेस्टिंग और इम्प्लांटेशन (Single-stage Harvesting & Implantation) इस प्रक्रिया की जटिलता को और बढ़ाता है।

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रिकवरी : एक माह में स्पष्ट सुधार

पोस्ट-ऑपरेटिव प्रबंधन (Post-operative Management) के तहत मरीज को इममोबिलाइजेशन (Immobilization) और नॉन-वेट बेयरिंग (Non-weight Bearing) प्रोटोकॉल पर रखा गया। लगभग एक माह में क्लिनिकल इम्प्रूवमेंट (Clinical Improvement) स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मरीज वर्तमान में स्वतंत्र रूप से चलने (Independent Ambulation) में सक्षम है और दर्द में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।