अनदेखी या मौन स्वीकृति ! अफसर सोते रह गए और मजार ने ले लिया बड़ा रूप, हिन्दू संगठनों का फूटा आक्रोश
रतलाम के महू-नीमच हाईवे स्थित पहलवान शाह बाबा दरगाह पर कथित अवैध अतिक्रमण और निर्माण के विरोध में हिंदू संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। बिना अनुमति प्रस्तावित उर्स आयोजन पर भी रोक लगाने की मांग की गई।
रतलाम: महू-नीमच हाईवे पर दरगाह के नाम पर अवैध अतिक्रमण और निर्माण के विरोध में हिंदू संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । महू-नीमच हाईवे पर सिटी फोरलेन पर स्थित 'पहलवान शाह बाबा की दरगाह' के जिस अतिक्रमण को कुछ महीनों पूर्व प्रशासन ने हटाया था, वह फिर से फल-फूल रहा है। आलम यह है कि अतिक्रमण हटाने के बाद अफसर निश्चिंत होकर चैन की नींद सो गए और छोटी सी मजार ने फिर से बड़ा रूप ले लिया है। यहां 13 मई से तीन दिनी उर्स भी होने वाला है। इस कथित अवैध अतिक्रमण और पक्के निर्माण को लेकर मंगलवार को हिन्दू संगठनों और समाज ने ज्ञापन देकर विरोध जताया।
सकल हिन्दू संगठन और हिन्दू समाज की ओर से कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया है। इसकी प्रति एसडीएम और सीएसपी को भी सौंपी गई है। इसमें अवैध निर्माण के साथ ही 13 मई से बिना अनुमति होने वाले आयोजन को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। ज्ञापन में मांग की गई है कि अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाए और इस कृत्य में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई भी की जाए। यह भी कहा है कि भविष्य में भी यहाँ किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति प्रदान न की जाए।
षड्यंत्र पूर्वक बढ़ाया जा रहा आकार
हिन्दू संगठनों का आरोप है कि शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 104 पर स्थित उक्त दरगाह के वास्तविक क्षेत्रफल को षड्यंत्रपूर्वक बढ़ाया जा रहा है। हाईवे के दोनों ओर लोहे की चद्दरें और स्टील की जालियां लगाकर लगभग 25 से 30 फीट लंबे क्षेत्र में अवैध शेड बना दिया गया है। दरगाह महू-नीमच हाईवे के बीचों-बीच स्थित है। इस मार्ग पर भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही होती है। ऐसे में यहां बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
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न्यायालय में विचाराधीन है मामला
ज्ञापन में बताया गया है कि उक्त स्थल से संबंधित प्रकरण (आर.सी.एस.ए. 337/2024) वर्तमान में तृतीय व्यवहार न्यायाधीश के न्यायालय में विचाराधीन है। इसकी अगली सुनवाई 16 अगस्त, 2026 को नियत है। इसके बावजूद यहां निर्माण कार्य जारी है।
बिना अनुमति हो रहा आयोजन
ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि दरगाह पर बिना अनुमति के आगामी 13, 14 और 15 मई 2026 को उर्स और कव्वाली का आयोजन भी होने जा रहा है। इसकी तैयारी जारी है। ऐसे बिना अनुमति होने वाले आयोजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए।
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