सिखेड़ी की आंगनवाड़ी में नहीं पहुंचा मध्याह्न भोजन तो बच्चों को खिलाए मुरमुरे, स्व-सहायता समूह की 2 दिन के भोजन नाश्ते की राशि कटेगी
मध्याह्न भोजन उपलब्ध नहीं कराने पर महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सरस्वती स्व-सहायत समूह का दो दिन का नाश्ते और भोजन का पैसा काटने का आदेश जारी किया है।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सिखेड़ी गांव की आंगनबाड़ी में मध्याह्न भोजन भेजने के मामले में लापरवाही सामने आई है। यहां भोजन उपलब्ध नहीं होने पर बच्चों को मुरमुरे (परमल) खिलाने पड़े। महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्व-सहायता समूह का दो दिन के नाश्ते और भोजन का पैसा काटने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार सिखेड़ी स्थित आंगनबाड़ी में बच्चों को थाली में मुरमुरे परोसे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि यहां सरस्वती स्व-सहायता समूह की भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है लेकिन समूह ने दो दिन से न तो नाश्ता भेजा और न ही मध्याह्न भोजन। इससे यहां पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने अपने पैसों से मुरमुरे मंगवाकर बच्चों को खिलाए। यह मामला संज्ञान में आने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी रामनिवास बुधोलिया ने संबंधित समूह का दो दिन का नाश्ते और खाने का पैसा काटने का आदेश जारी किया है।
दो दिन तक नहीं भेजा भोजन
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बुधोलिया ने बताया कि सिखेड़ी के आंगनबाड़ी केंद्र में 5 एवं 6 जनवरी 2026 को पोषण आहार नहीं मिलने की सूचना मिली थी। इसकी जांच करने पता चला कि सरस्वती स्व-सहायता समूह सिखेड़ी द्वारा दो दिन से आंगनवाड़ी केंद्र पर नाश्ता व भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे समूह की 2 दिनों की नाशता एवं भोजन की राशि काटी जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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