बड़ी खबर ! BJP विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय ने प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी को भेजा 10 करोड़ की मानहानि का नोटिस, महिला शोषण के आरोपों पर मांगे सबूत

आलोट से भाजपा विधायक एवं पूर्व सांसद डॉ. चिंतामणि मालवीय ने महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी को 10 करोड़ रुपए के मानहानि नोटिस के साथ 7 दिन में आरोपों के सबूत पेश करने का नोटिस भेजा है।

May 8, 2026 - 14:29
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बड़ी खबर ! BJP विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय ने प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी को भेजा 10 करोड़ की मानहानि का नोटिस, महिला शोषण के आरोपों पर मांगे सबूत
भाजपा विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय ने प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी को भेजा मानहानि का नोटिस।

एसीएन टाइम्स @ उज्जैन । आलोट से भाजपा विधायक एवं पूर्व सांसद डॉ. चिंतामणि मालवीय ने प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी को 10 करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में रीना बौरासी द्वारा एक न्यूज चैनल को दिए गए बयान को “असत्य, द्वेषपूर्ण और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित” बताया गया है।

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भाजपा विधायक डॉ. मालवीय की ओर से अधिवक्ता शेखर श्रीवास्तव के माध्यम से भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि रीना बौरासी ने चैनल पर सार्वजनिक रूप से डॉ. मालवीय पर महिला शोषण, यौन उत्पीड़न, संपत्ति कब्जाने और महिलाओं को प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि उनके पास महिलाओं द्वारा दिए गए शपथपत्र, शिकायतें और अन्य प्रमाण मौजूद हैं तथा उन्होंने यह मामला राज्यपाल तक पहुंचाया है। इन आरोपों से डॉ. मालवीय की सामाजिक और राजनीतिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

रीना बौरासी से नोटिस में कहा गया है वे सभी दस्तावेज, शिकायतें, एफिडेविट और साक्ष्य उपलब्ध कराएं जिनके आधार पर उन्होंने सार्वजनिक मंच पर बयान दिया था। यदि 7 दिनों के भीतर लगाए गए आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध नहीं कराए गए तो इसे राजनीतिक षड्यंत्र और छवि धूमिल करने की कार्रवाई माना जाएगा। इसके लिए डॉ. मालवीय की ओर से आपराधिक, सिविल एवं मानहानि की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 10 करोड़ रुपए के हर्जाने का दावा भी पेश किया जाएगा।

डॉ. मालवीय की ओर से पूछे गए ये प्रश्न

  • किन महिलाओं ने शिकायत की?
  • शिकायतें कब और कहां दर्ज हुईं?
  • किन संपत्तियों पर कब्जे के आरोप लगाए गए?
  • यौन शोषण और महिला प्रताड़ना के कौन से मामले लंबित हैं?
  • यदि इतने गंभीर मामले थे तो अब तक कोई वैधानिक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

बयान राजनीतिक द्वेष से प्रेरित

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि रीना बौरासी के पिता प्रेमचंद गुड्डू पूर्व में डॉ. चिंतामणि मालवीय के खिलाफ लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं तथा दोनों चुनावों में पराजित हुए थे। इसी आधार पर नोटिस में आरोप लगाया गया है कि यह बयान राजनीतिक रंजिश और द्वेष भावना से प्रेरित होकर दिया गया है।

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विक्रम विश्वविद्यालय प्रकरण का भी जिक्र

नोटिस में विक्रम विश्वविद्यालय से जुड़े पुराने आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि पूर्व में लगाए गए आरोपों की जांच सक्षम अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है और 3 दिसंबर 2011 की जांच रिपोर्ट में शिकायतों को मिथ्या पाया गया था। ऐसे में उन्हीं विषयों को पुनः सार्वजनिक मंच पर उठाकर डॉ. मालवीय की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है।

चैनल और संवाददाता को भेजी नोटिस की प्रति

नोटिस की प्रतिलिपि संबंधित चैनल के संवाददाता और संपादक को भी भेजी गई है। इसमें चैनल से पूछा गया है कि इंटरव्यू और प्रश्न तैयार करने के दौरान उनके पास कौन-कौन से दस्तावेज और आधार मौजूद थे। साथ ही संबंधित वीडियो, ट्रांसक्रिप्ट और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को भी कहा गया है।

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयसीमा में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए तो रीना बौरासी और चैनल के खिलाफ आपराधिक, सिविल एवं मानहानि संबंधी कार्रवाई की जाएगी।

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10 करोड़ के हर्जाने की चेतावनी

डॉ. मालवीय की ओर से भेजे गए नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि आरोप सिद्ध नहीं हुए तो इसे सुनियोजित दुष्प्रचार माना जाएगा और 10 करोड़ रुपए की मानहानि का दावा प्रस्तुत किया जाएगा।

बता दें कि, बौरासी ने अपने बयान में यह भी कहा था कि एक महिला वर्षों से संघर्ष कर रही हैं लेकिन डॉ. मालवीय के “राजनीतिक रसूख” के कारण उसकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने राज्यपाल से शिकायत कर विधायक की सदस्यता रद्द करने तक की मांग की थी।

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Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।