न्याय का मंदिर ! श्रम न्यायालय के जज ने वीडियो कॉल पर अस्वस्थ महिला हितग्राही से की बात, उनके मानवीय दृष्टिकोण और त्वरित कार्रवाई की हो रही प्रशंसा

कानूनी लड़ाई के दौरान लोग तारीख पर तारीख मिलने से परेशान रहते हैं। वहीं लोग जब न्यायालय का त्वरित और मानवीय दृष्टिकोण देखते हैं तो दिल खोल कर प्रशंसा भी करते हैं। जानिए- रतलाम श्रम न्यायालय से जुड़ा ऐसा ही एक मामला।

Mar 13, 2026 - 23:58
Mar 14, 2026 - 00:48
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न्याय का मंदिर ! श्रम न्यायालय के जज ने वीडियो कॉल पर अस्वस्थ महिला हितग्राही से की बात, उनके मानवीय दृष्टिकोण और त्वरित कार्रवाई की हो रही प्रशंसा
कोर्ट का फैसला।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम में श्रम न्यायालय (Ratlam Labour Court) में शुक्रवार को न्यायाधीश चिराग अरोरा (Judge Chirag Arora) की सहृदयता ने सभी का दिल जीत लिया। न्यायालय के आदेश पर चेक वितरण के दौरान एक महिला के कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पाने से उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से उनकी सहमति से उसकी परिजन को चेक प्रदान करवाया। यह देख वहां मौजूद सभी पक्षकार कह उठे कि- न्यायाधीश हों तो ऐसे।

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हुआ यूं कि रतलाम के श्रम न्यायालय (कैंप कोर्ट) में विभिन्न मामलों की सुनवाई हो रही थी। सुनवाई पीठासीन अधिकारी (न्यायाधीश) चिराग अरोरा कर रहे थे। इस दौरान न्यायालय द्वारा दिनांक 8 अगस्त 2023 को पारित एक आदेश के परिपालन में खेतान एग्रो उद्योग के प्रबंधन द्वारा विजयी होने वाले श्रमिकों को राहत राशि (एक-एक लाख रुपए) के चेक वितरित किए जाने थे। श्रमिकों की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट नीरज सक्सेना और प्रबंधन के अभिभाषक भी मौजूद थे। न्यायाधीश अरोरा ने एक-एक कर सभी श्रमिकों को नाम से बुलाकर और उनकी पहचान की पुष्टि के बाद राहत राशि के चेक का वितरण करवाया।

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वीडियो कॉल के जरिये की पुष्टि

चेक वितरण के दौरान न्यायाधीश द्वारा हितग्राही रंजा पति केशवलाल का नाम पुकारे जाने पर उन्हें बताया गया कि वे न्यायालय में उपस्थित नहीं। बताया गया कि रंजा के स्थान पर उनकी भाभी (भाई की पत्नी) चेक लेने आई हैं। इस पर न्यायाधीश अरोरा ने चेक लेने आई महिला से पूछा कि क्या वे हितग्राही के सगे भाई की पत्नी हैं? और रंजा खुद क्यों नहीं आई हैं? महिला ने बताया कि वे रंजा के रिश्ते में भाई की पत्नी हैं। उन्होंने यह भी बताया रंजा अस्वस्थ हैं और वे उपचार के लिए अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती हैं। यह पता चलते ही न्यायाधीश ने त्वरित एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए रंजा को वीडियो कॉल करवाकर की खुद बात की।

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पहले 'नमस्ते' किया, फिर ली सहमति

वीडियो कॉल पर न्यायाधीश अरोरा ने हितग्राही रंजा का पहले नमस्ते कह कर अभिवादन किया और उसके बाद चेक लेने आई महिला के बारे में जानकारी ली। रंजा ने बताया कि उक्त महिला उनके रिश्ते में भाई की पत्नी हैं। अतः उन्हें प्रदान किया जा सकता है। हितग्राही की सहमति के बाद न्यायाधीश ने उनका चेक उनकी परिजन को प्रदान करवाया। इस दौरार न्यायालय में खेतान एग्रो से जुड़े हितग्राहियों के अलावा अन्य मामलों के पक्षकार और अभिभाषक आदि उपस्थित थे। सभी ने न्यायाधीश की इस मानवीय दृष्टिकोण और त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा किए बिना नहीं रह सके।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।