सतर्कता ! मध्याह्न भोजन की सभी रसोइयों का होगा वेरिफिकेशन, 7 दिन में पूरी करना होगी जांच, जानिए- प्रशासन ने क्यों उठाया ऐसा कदम
रतलाम जिले में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइयों का फिजिकल वेरिफिकेशन होगा। वेरिफिकेशन आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी सहित अन्य आधारों पर की जाएगी।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्याह्न भोजन व्यवस्था को लेकर शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। भोजन की गुणवत्ता के साथ ही अब भोजन बनाने वाले रसोइयों की भी मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी गई है। एक ही रसोइये का नाम एक से अधिक संस्थाओं में दर्ज न हो और उसे सभी जगह से भुगतान प्राप्त न हो, इसकी जांच भी हो रही है। जांच का जिम्मा संबंधित बीआरसी और बीएसी को सौंपा गया है। इसमें कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन द्वारा मध्याह्न भोजन के जिला नोडल अधिकारी एवं एसीओ निर्देशक शर्मा को ताकीद की गई है।
सूत्रों के अनुसार रतलाम सहित प्रदेश में कई जगह मध्याह्न भोजन योजना में लगे रसोइयों का नाम एक से अधिक संस्था में भोजन बनाने के लिए दर्ज है। इन सभी स्थानों के लिए उन्हें मेहनताने का भुगतान होने की भी शिकायतें मिली हैं। ऐसा ही एक मामले पिछले दिनों जिले के सैलाना विकासखंड में सामने आया था। जांच हुई तो पता चला कि मीना बाई नामक एक रसोइया का नाम दो स्थानों पर दर्ज है। एक स्थान पर उसका बैंक ऑफ इंडिया का खाता नंबर तो दूसरी जगह जिला सहकारी बैंक का खाता नंबर दर्ज मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि इन दोनों ही खातों पर रसोइया को भुगतान भी होता रहा। मामला संज्ञान में आने पर जिला पंचायत सीईओ द्वारा मध्याह्न भोजन प्रभारी वरदीचंद को हटा दिया गया था और रसोइये को अदा की गई राशि की वसूली की कार्रवाई भी शुरू की गई थी। इस मामले के बाद से मध्याह्न भोजन योजना के पोर्टल की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है।
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एक नाम 16 जगह होने से उड़ी नींद
पता चला है कि पोर्टल पर सतत नज़र रखने के दौरान जिले के बाजना विकासखंड में एक रसोइये के नाम ने सभी को चौंका दिया। यह नाम है कालीबाई, जो एक या दो जगह नहीं बल्कि 16 स्थानों पर दर्ज है। प्रथमदृष्टया इतनी जगह रसोइये का नाम एक जैसा होना इत्तेफाक बताया जा रहा है, लेकिन प्रशासन इससे संतुष्ट नहीं है। इसलिए जिला पंचायत सीईओ जैन ने जिले के सभी विकासखंडों की रसोइयों के वेरिफिकेशन के निर्देश नोडल अधिकारी एवं एसीओ निर्देशक शर्मा को दिए हैं। सीईओ द्वारा यह भी ताकीद की है कि अगर कहीं भी किसी रसोइये का नाम एक से अधिक जगह दर्ज पाया जाता है तो यह भी पता किया जाए कि इतनी जगह उसका नाम किसके द्वारा प्रस्तावित किया गया ताकि उस पर भी कार्रवाई की जा सके।
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7 दिन के अंदर करना होगा वेरिफिकेशन
मामले में एसीओ निर्देश शर्मा ने एसीएन टाइम्स को बताया कि रसोइयों का 7 दिन के भीतर वेरिफिकेशन करने के के लिए जिले के सभी बीआरसी और बीएसी को निर्देशित किया गया है। वेरिफिकेशन रसोइयों के आधार कार्ड, उनके पति के नाम और बैंक खाते आदि की जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर करने के लिए कहा है। छात्रों की संख्या के अनुपात में रसोइये की संख्या सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है। बता दें कि, मध्याह्न भोजन योजना के तहत छात्रों की संख्या 25 तक होने पर एक तथा 26 से 100 तक होने पर दो रसोइये रखने का प्रावधान है। इसके बाद प्रत्येक 100 छात्र बढ़ने पर एक रसोइया बढ़ाया जाना तय है।




