पटवारी सुसाइड से भड़का आक्रोश ! कर्मचारी संगठनों की दो-टूक; नायब तहसीलदार पर दर्ज हो FIR, 7 दिन में अमल नहीं तो ठप कर देंगे जिलेभर में काम
रतलाम में पटवारी मौत मामले पर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, नायब तहसीलदार पर FIR की मांग; 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो काम बंद की चेतावनी।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम। आलोट के खजूरी सोलंकी हल्के पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी की आत्महत्या ने अब प्रशासन के लिए गंभीर संकट का कारण बनती जा रही है। घटना के बाद से कर्मचारी संगठनों के गुस्से में उबाल आया हुआ है। उनका गुस्सा सड़कों पर नजर आ रहा है। कर्मचारियों ने सीधे तौर पर नायब तहसीलदार सविता राठौर के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो पूरे जिले का कामकाज ठप कर देंगे।
गुरुवार को जिलेभर से आए पटवारी और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी पुराने कलेक्ट्रेट स्थित गुलाब चक्कर पर एकत्र हुए। यहां माहौल बेहद उग्र नजर आया। नारेबाजी के बीच कर्मचारियों ने रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन कर एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि लगातार हो रही प्रशासनिक प्रताड़ना की परिणति है।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि नायब तहसीलदार सविता राठौर द्वारा पटवारी पर असहनीय और अनैतिक दबाव बनाया जा रहा था जिसके चलते उन्होंने मौत को गले लगा लिया। कर्मचारियों का कहना है कि मौके से मिले पत्र में भी प्रताड़ना और गलत बटांकन रिपोर्ट देने के लिए दबाव डालने का उल्लेख है, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है।
पटवारी परमार के निलंबन को भी बताया अन्यायपूर्ण
कर्मचारियों संगठनों का आक्रोश सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहा। संगठनों ने पटवारी जितेंद्र परमार के निलंबन को भी अन्यायपूर्ण बताते हुए उसे तत्काल बहाल करने की आवाज बुलंद की। उनका कहना है कि प्रशासन चुनिंदा कार्रवाई कर कर्मचारियों को दबाने की कोशिश कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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...तो व्यापक होंगे परिणाम
पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज नहीं किया गया, तो जिलेभर के पटवारी अपने बस्ते जमा कर देंगे और काम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस आंदोलन को सभी कर्मचारी संगठनों का समर्थन है और जरूरत पड़ी तो इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।
भाई की शादी के बाद लगा ली थी फांसी
बता दें कि, पटवारी रविशंकर खराड़ी ने अपने भाई की शादी के बाद अपने साफे से ही फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। घर से एक सुसाइड नोट भी मिला था जिसमें पटवारी ने नायब तहसीलदार सविता राठौर पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मामले में अब तक तो बात सामने आई है उसके अनुसार नायब तहसीलदार द्वारा भाजपा के एक नेता से जुड़ी जमीन के जबरिया बटांकन के लिए पटवारी खराड़ी पर दबाव डाला जा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर मिशा सिंह ने नायब तहसीलदार को निंलबित कर दिया था।
यहां देखें पूरा मामला
इस घटना पर करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने भी सख्त ऐतराज जाता है। उन्होंने बुधवार को परिजन और कर्मचारियों के साथ धरना भी दिया था। सैलाना विधायक ने भी आक्रोश जताया है। उन्होंने भी पुलिस को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।





