रॉयल कॉलेज में पौधारोपण पखवाड़े का शुभारंभ, 1000 से अधिक फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे
रतलाम के रॉयल कॉलेज में पौधारोपण पखवाड़े का शुभारंभ हुआ। परिसर में 1000 से अधिक फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। संस्थान में पहले से 2000 से अधिक वृक्ष पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सालाखेड़ी स्थित रॉयल कॉलेज में पौधारोपण पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। पखवाड़े के दौरान महाविद्यालय परिसर में 1000 से अधिक फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. महेश पालीवाल ने लाल चंदन का पौधा लगाकर किया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया और परशुराम कल्याण बोर्ड के उज्जैन संभाग प्रभारी अनुराग लोखंडे भी मौजूद रहे।
कैंपस प्रशासक दिनेश राजपुरोहित ने बताया कि इस वर्ष महाविद्यालय परिसर में छह प्रजातियों के आम, लीची, फालसे, लाल शहतूत, नाशपाती, अमेरिकन रेड जामफल, ताइवान पिंक जामफल, आंवला, हाइब्रिड जामुन, मैंगोस्टीन, आड़ू, बेलपत्र, बॉटल पाम, वाटर एप्पल, गोल्डन सीताफल, एप्पल बेर, भगवा अनार, फाइकस और हाइब्रिड चीकू सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं।
राजपुरोहित ने बताया कि ये पौधे 65 बीघा क्षेत्र में फैले कॉलेज परिसर की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ गर्मी के मौसम में वातावरण को शीतल बनाए रखने और शुद्ध ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए परिसर को वायु एवं ध्वनि प्रदूषण मुक्त विकसित किया गया है। धूल नियंत्रण के लिए आवागमन के मार्गों पर आधुनिक पेवर ब्लॉक भी लगाए गए हैं।
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भव्वारे भी किए विकसित
महाविद्यालय परिसर में गुलाब, कमल और जरवेरा के आकर्षक उद्यानों के साथ सुंदर फव्वारे भी विकसित किए गए हैं। विभिन्न फ्रूट गार्डन में आम, चीकू, जामुन, जामफल, आंवला, एप्पल बेर, नींबू, मौसंबी, संतरा, बादाम, सीताफल, पपीता, केला, कटहल, अंजीर और शहतूत के सैकड़ों वृक्ष लगाए गए हैं। पथरीली और चट्टानी जमीन होने के बावजूद गड्ढे खोदकर उनमें मिट्टी भरकर इन पौधों को सफलतापूर्वक विकसित किया गया है।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, डॉ. आर. के. अरोड़ा, डॉ. कल्पना पाटीदार, कपिल केरोल, जगदीश डुके सहित महाविद्यालय का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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