जिला शिक्षा केंद्र के शिक्षकों-कर्मचारियों को जुलाई का वेतन अब तक नहीं मिला, पिछले शिक्षा सत्र के स्कूल अवलोकन के यात्रा देयक भी अटके
रतलाम जिला शिक्षा केंद्र से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों को 14 अगस्त तक जुलाई का वेतन नहीं मिला। बीआरसी, बीएसी और जनशिक्षकों के यात्रा देयक भी महीनों से लंबित हैं।
नए पोर्टल पर कर्मचारियों का डेटा अपलोड नहीं होने से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होने की बात; बीआरसी, बीएसी और जनशिक्षकों के महीनों पुराने यात्रा देयक भी लंबित
एसीएन टाइम्स @ रतलाम। राज्य शिक्षा केंद्र के अधीन जिला शिक्षा केंद्रों में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों को अगस्त की 14 तारीख तक जुलाई माह का वेतन नहीं मिल पाया है। वेतन भुगतान में देरी के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं। कई कर्मचारियों को ऋण की ईएमआई समय पर जमा करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
प्रदेश के अधिकतर शासकीय विभागों में कर्मचारियों को सामान्यतः माह की शुरुआत में वेतन का भुगतान हो जाता है, लेकिन जिला शिक्षा केंद्रों के माध्यम से सेवाएं दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन भुगतान में देरी का असर उनके नियमित आर्थिक दायित्वों पर पड़ रहा है।
पुराने पोर्टल का अनुबंध खत्म, नए पोर्टल पर प्रक्रिया अटकी !
एसीएन टाइम्स ने वेतन भुगतान में देरी का कारण जानने का प्रयास किया तो विभागीय सूत्रों से पता चला कि कर्मचारियों के वेतन-भत्तों का भुगतान जिस पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा था, उसका अनुबंध समाप्त हो गया है। इसके बाद भुगतान के लिए नए पोर्टल की व्यवस्था की गई है।
बताया जा रहा है कि नए पोर्टल पर कर्मचारियों से संबंधित डेटा अभी पूरी तरह अपलोड नहीं हो पाया है। इसके चलते वेतन भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। डेटा अपलोड और भुगतान प्रक्रिया पूरी होने में अभी कितना समय लगेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
शिक्षक-कर्मचारी यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब नए पोर्टल पर कर्मचारियों से संबंधित डेटा पूरी तरह अपलोड होने से पहले पुराना सिस्टम बंद करना कहां की समझदारी है।
यात्रा देयकों का भुगतान भी महीनों से लंबित
जिला शिक्षा केंद्र के अधीन कार्यरत बीआरसी, बीएसी और जनशिक्षकों को स्कूलों का नियमित अवलोकन करना होता है। इसके लिए उन्हें निर्धारित लक्ष्य भी दिए जाते हैं। स्कूलों के अवलोकन के लिए किए जाने वाले आवागमन पर होने वाले खर्च के भुगतान के लिए यात्रा देयक प्रस्तुत किए जाते हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के बीआरसी, बीएसी और जनशिक्षकों ने बीते शिक्षण सत्र में फरवरी माह तक किए गए शाला अवलोकनों के यात्रा देयक मार्च माह में ही जिला शिक्षा केंद्र में प्रस्तुत कर दिए थे, लेकिन उनका भुगतान अब तक नहीं हुआ है। बताया गया है कि इसके बाद के तीन महीनों (मार्च, अप्रैल और जून) के यात्रा देयक भी कर्मचारियों से जमा करा लिए गए हैं।
इस स्थिति में कर्मचारियों को एक ओर वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके द्वारा अपने कार्य के दौरान किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति भी लंबित है।
रक्षाबंधन से पहले बढ़ी कर्मचारियों की चिंता
अगस्त में रक्षाबंधन का त्योहार भी है। वेतन और लंबित देयकों का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों के सामने त्योहार सहित रोजमर्रा की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बढ़ गई है।
कर्मचारी भुगतान की स्थिति जानने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्पष्ट समयसीमा नहीं मिल पाई है। कर्मचारियों की मांग है कि लंबित वेतन और यात्रा देयकों का भुगतान जल्द कराया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके।
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जिम्मेदार अधिकारी से जवाब लेने का प्रयास
वेतन और यात्रा देयकों के भुगतान में देरी को लेकर एसीएन टाइम्स ने जिला परियोजना समन्वयक अखिलेश राजपूत से उनके मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया। उन्हें वाट्सऐप के माध्यम से भी संदेश भेजकर मामले में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा जवाब देना जरूरी नहीं समझा गया।
कलेक्टर अजय कटेसरिया वेतन भुगतान नहीं होने की एक वजह ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता का पालन नहीं होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि जिनकी ई-अटेंडेंस कम है, उनका वेतन भुगतान नहीं करने के निर्देश हैं।







