“ना झुकेंगे - ना रुकेंगे” ! आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने फूंका आंदोलन का बिगुल, 20 सितंबर को TET और ई-अटेंडेंस के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे शिक्षक

मध्यप्रदेश में TET की अनिवार्यता और ई-अटेंडेंस के विरोध सहित लंबित मांगों को लेकर 20 सितंबर को अध्यापक-शिक्षक संवर्ग जिला स्तर पर सामूहिक उपवास, रैली और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित करेगा।

“ना झुकेंगे - ना रुकेंगे” ! आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने फूंका आंदोलन का बिगुल, 20 सितंबर को TET और ई-अटेंडेंस के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे शिक्षक
आजाद अध्यापक शिक्षक संघ का प्रदेशस्तरीय आंदोलन 20 सितंबर को।

प्रदेशस्तरीय आंदोलन के तहत हर जिले में सामूहिक उपवास, रैली और ज्ञापन से सरकार को दिखाएंगे अपना दम

एसीएन टाइम्स @ भोपाल । आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्यप्रदेश ने TET की अनिवार्यता और ई-अटेंडेंस सहित विभिन्न के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष भरत पटेल के आह्वान पर 20 सितंबर 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में अध्यापक-शिक्षक संवर्ग सामूहिक उपवास, रैली और ज्ञापन के जरिए अपना विरोध दर्ज कराएगा। संघ ने साफ संकेत दिए हैं कि यह महज औपचारिक ज्ञापन कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार तक शिक्षकों के आक्रोश और असहमति की ताकत पहुंचाने का बड़ा प्रयास होगा।

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने अपने आह्वान में प्रदेश के प्रांतीय एवं संभागीय पदाधिकारियों से लेकर जिला, ब्लॉक और संकुल स्तर के पदाधिकारियों तथा कार्यकारिणी सदस्यों को आंदोलन में जुटने का आह्वान किया है। संगठन ने शिक्षक साथियों से अपने-अपने जिले में निर्धारित स्थान पर बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन को प्रभावी बनाने की अपील की है।

संघ ने TET की अनिवार्यता को लेकर सीधे विरोध का रुख अपनाया है। आंदोलन के पोस्टर में स्पष्ट संदेश दिया गया है—“TET की अनिवार्यता समाप्त हो!” साथ ही TET का फॉर्म नहीं भरने का आह्वान भी किया गया है। संघ का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर शिक्षक संवर्ग में असंतोष है और 20 सितंबर का आंदोलन इसी विरोध को सामूहिक आवाज देने का माध्यम बनेगा।

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ई-अटेंडेंस को लेकर भी सरकार पर निशाना

ई-अटेंडेंस भी आंदोलन का दूसरा बड़ा मुद्दा है। संघ की ओर से इसे लेकर सरकार के आदेशों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। संघ ने शिक्षक साथियों से ई-अटेंडेंस के विरोध में एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि इसके परिणाम शिक्षकों के सामने हैं।

पुरानी पेंशन और सेवा गणना समेत मांगों की लंबी फेहरिस्त

आंदोलन केवल TET और ई-अटेंडेंस तक सीमित नहीं रहेगा। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने शिक्षकों की लंबित मांगों को भी आंदोलन के केंद्र में रखा है। इनमें पुरानी पेंशन, ग्रेच्युटी, प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना, लंबित क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान के आदेश जारी करना और समय पर वेतन भुगतान जैसी मांगें शामिल हैं। संघ का कहना है कि लंबे समय से लंबित इन मुद्दों को लेकर शिक्षक संवर्ग में नाराजगी है और अब इसे संगठित तरीके से सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

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सरकार से बातचीत से पहले आक्रोश दिखाने की रणनीति

अपने आंदोलन को लेकर संघ की रणनीति भी स्पष्ट है। भरत पटेल ने शिक्षक साथियों से कहा है कि संयुक्त मोर्चा और संघ-संगठनों की सरकार के साथ चर्चा होने से पहले शासन को प्रदेश के शिक्षकों के आक्रोश से अवगत कराया जाना जरूरी है। इसीलिए सभी जिलों में एक साथ सामूहिक उपवास, रैली और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन का कार्यक्रम रखा गया है। कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की लंबित मांगों को सरकार के सामने रखा जाएगा।

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने अपने आह्वान में शिक्षकों से साफ शब्दों में कहा है कि अभी भी समय है—अपने हक और अधिकार के लिए घरों से निकलें। संगठन का दावा है कि यह जिला स्तरीय शक्ति प्रदर्शन सरकार को शिक्षकों की मांगों और उनके विरोध की गंभीरता का अहसास कराने में अहम भूमिका निभाएगा।

भरत पटेल ने किया सीधा आह्वान

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के प्रांताध्यक्ष एवं अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रदेश संयोजक भरत पटेल ने शिक्षक साथियों से 20 सितंबर को अपने-अपने जिलों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। उनका संदेश है कि शिक्षक अपने अधिकारों की लड़ाई में एकजुट होकर आवाज बुलंद करें और सरकार तक अपनी मांगों को मजबूती से पहुंचाएं।

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