कबीर में कोई द्वैत नहीं, कोई भेद नहीं, वे जैसे भीतर, वैसे ही बाहर- पद्मश्री टिपानिया

हम लोग संस्था द्वारा पद्मश्री प्रहलाद टिपाणियां का अभिनंदन किया गया। इस मौके पर पद्मश्री टिपाणियां ने कबीर के दर्शन पर प्रकाश डाला।

May 16, 2023 - 00:18
May 16, 2023 - 03:33
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कबीर में कोई द्वैत नहीं, कोई भेद नहीं, वे जैसे भीतर, वैसे ही बाहर- पद्मश्री टिपानिया
पद्मश्री प्रहलाद टिपाणिया का अभिनंदन करते हम लोग संस्था के पदाधिकारी व सदस्य।

संस्था 'हम लोग' ने किया प्रसिद्ध कबीर गायक का सम्मान 

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कबीर में जीवन और दर्शन अद्भुत है। उनके यहां कोई द्वैत नहीं है। कोई भेद भी नहीं। कबीर जैसे भीतर हैं, वैसे ही बाहर। कबीर जिस संसार की बात करते हैं वह संसार हमारे भीतर है। कबीर हमारे मन की सभी वासनाओं से मुक्त कर हमें एक नई रोशनी देते हैं। भटकाव से दूर कर वे एक नया मार्ग दिखाते हैं।

उक्त विचार प्रख्यात कबीर भजन गायक पद्मश्री प्रहलाद टिपानिया ने 'हम लोग' द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कबीर के जीवन दर्शन पर अपने व्याख्यान में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कबीर की साखियां आज भी जन-जन में लोकप्रिय हैं। ये साखियां कबीर के समय की साक्ष्य हैं, जिन्हें आज दोहों के नाम से जाना जाता है। कबीर ने पाखंडों का प्रहार किया और सभी बुराइयों का विरोध किया। कबीर के राम हर मनुष्य के भीतर मौजूद हैं, उन्हें किसी परिभाषा की आवश्यकता नहीं। वे बुराइयों का प्रतिकार करते रहे यही कारण है कि आज भी वह जन जन के भीतर सफर कर रहे हैं।

टिपानिया ने इस अवसर पर अपने कुछ कबीर भजन प्रस्तुत कर उनके मर्म से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कबीर सिर्फ़ सुनने का विषय नहीं हैं, कबीर गुनने का विषय भी हैं। उन्हें जितना समझो वे और हमें गहराई में ले जाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपने जीवन में कबीर से जुड़ाव होने का विस्तृत वर्णन भी किया।

रचनात्मक गतिविधियों में अग्रसर है हम लोग

'हम लोग' के अध्यक्ष सुभाष जैन ने पद्मश्री टिपानिया का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हम लोग द्वारा रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से निरंतर आयोजन किए जाते रहे हैं। आने वाले समय में भी समाज को मार्गदर्शन देने वाले ऐसे ही नायकों से हम लोग परिचित करवाता रहेगा। इस अवसर पर टिपानिया का 'हम लोग' की ओर से अभिनंदन किया गया।

ये उपस्थित रहे

समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रकाश उपाध्याय, डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला, विष्णु बैरागी, ओम प्रकाश मिश्र, पद्माकर पागे, महावीर वर्मा, संजय परसाई, प्रकाश सेठिया, वासु गुरबानी आशीष दशोत्तर, लगन शर्मा, राधाकृष्ण चांदनीवाला, राकेश शर्मा, अशोक जैन, जय कुमार, आकाश वर्मा सहित शहर के गणमान्यजन मौजूद थे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।