अकादमिक संवाद ! सांदीपनी विद्यालय में विश्व के पाँच उत्कृष्ट विद्यालयों के मॉडल पर मंथन, वैश्विक नवाचारों को स्थानीय शिक्षा से जोड़ने का लिया संकल्प

रतलाम के सांदीपनी विद्यालय, विनोबा में "विश्व के श्रेष्ठ विद्यालय पुरस्कार–2025 से सीख" विषय पर अकादमिक संवाद आयोजित हुआ। इसमें विश्व के पाँच उत्कृष्ट विद्यालयों के नवाचारों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मॉडल पर विस्तृत चर्चा की गई।

अकादमिक संवाद ! सांदीपनी विद्यालय में विश्व के पाँच उत्कृष्ट विद्यालयों के मॉडल पर मंथन, वैश्विक नवाचारों को स्थानीय शिक्षा से जोड़ने का लिया संकल्प
सीएम राइज विनोबा स्कूल रतलाम में अकादमिक संवाद का हुआ आयोजन।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम। सांदीपनी विद्यालय, विनोबा, रतलाम में "विश्व के श्रेष्ठ विद्यालय पुरस्कार–2025 से सीख" विषय पर विशेष अकादमिक संवाद आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य इसमें विश्व के श्रेष्ठ विद्यालयों के नवाचारों, उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से सीखना रहा। इस दौरान विश्व के पाँच उत्कृष्ट विद्यालयों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रेरणादायी कार्यों का अध्ययन करना तथा उन नवाचारों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यालय की शिक्षण प्रक्रिया में अपनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

शुभारंभ विद्यालय के शिक्षक राजेन्द्र शर्मा द्वारा रचित विद्यालय गीत "हम हैं सांदीपनी विद्यालय" पर आधारित एंट्री रूटीन से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को उत्साह, ऊर्जा एवं विद्यालयीय गौरव की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम की परिकल्पना उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने प्रस्तुत की। उन्होंने ने अंतरराष्ट्रीय संस्था #T4Eduation द्वारा चयनित विश्व के पाँच श्रेष्ठ विद्यालयों की समुदाय भागीदारी, पर्यावरण जुड़ाव, नवाचार, विपत्तियों से मुकाबला तथा स्वस्थ जीवन के समर्थन जैसे विषयों का प्रारंभिक परिचय दिया। उन्होंने कहा कि, "प्रत्येक विद्यालय अपनी स्थानीय परिस्थितियों में कार्य करते हुए भी वैश्विक स्तर पर परिवर्तन का प्रेरक उदाहरण बन सकता है।"

विभिन्न देशों के पुरस्कार प्राप्त विद्यालयों के कार्य बताए

बिद्राक्षी पंवार ने मेक्सिको के "आ फावोर देल नीन्यो" विद्यालय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने 360 डिग्री सामुदायिक सहयोग मॉडल के माध्यम से अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय को शिक्षा का सक्रिय भागीदार बनाकर साझा उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कविता वर्मा ने संयुक्त अरब अमीरात के आर्बर विद्यालय की पर्यावरण संरक्षण संबंधी पहलों का परिचय देते हुए बताया कि विद्यालय ने पर्यावरणीय साक्षरता, जैव-गुंबद (बायोडोम), जैव विविधता तथा प्रकृति आधारित अधिगम के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित किया है।

हर्षिता सोलंकी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के फ्रैंकलिन विद्यालय के नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विद्यालय में स्थापित फैब-लैब के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, डिज़ाइन चिंतन तथा समस्या समाधान की क्षमता का विकास किया जा रहा है।

श्यामा वर्मा ने ब्राज़ील के एस्कोला एस्तादुअल पार्के दोस सोन्योस विद्यालय की प्रेरक यात्रा प्रस्तुत करते हुए बताया कि विद्यालय ने 21 नवाचारी परियोजनाओं के माध्यम से कठिन परिस्थितियों के बीच शांति, अहिंसा, विश्वास और सकारात्मक विद्यालयी संस्कृति का निर्माण कर शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

हिना शाह ने मलेशिया के एस. के. पुत्राजया प्रेसिन्ट 11(1) विद्यालय की विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण के लिए विकसित अभिनव पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय ने "हेल्पी" मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का सराहनीय कार्य किया है।

ये भी पढ़ें

प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव

श्रद्धा सोनी ने कहा, "मैं अपने विद्यालय में इन मॉडलों का प्रशिक्षण आयोजित करके चरणबद्ध रूप से उन्हें लागू करने का प्रयास करूँगी।"

माधुरी तलेरा ने कहा, "आज का यह अकादमिक संवाद केवल जानकारी देने वाला कार्यक्रम नहीं, बल्कि परिवर्तन की प्रेरणा है। मैं अपने कक्षाकक्ष में सहयोगात्मक अधिगम, पर्यावरणीय जागरूकता, जीवन कौशल तथा नवाचारी शिक्षण गतिविधियों को शामिल करूँगी।"

समापन सत्र में राजाराम सेकवाड़िया एवं शोभा ओझा ने दक्षता-आधारित शिक्षा तथा विद्यालय में संचालित विभिन्न नवाचारी प्रकल्पों की जानकारी साझा करते हुए इन वैश्विक अनुभवों को स्थानीय स्तर पर लागू करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

अंत में सभी शिक्षकों ने संकल्प लिया कि विश्व के श्रेष्ठ विद्यालयों की सफल कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यालय की शिक्षण प्रक्रिया में चरणबद्ध रूप से सम्मिलित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, नवाचारी एवं जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान की जा सके।

ये भी पढ़ें

इन्होंने की सहभागिता

इस अवसर पर प्राचार्य संध्या वोरा, प्रधान अध्यापक अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, वंदना सोवणचा, भावना रावत, मनीषा चौधरी, सुनीता पँवार, रूपाली जैन, साक्षी शर्मा, अजय मरमट, प्रदीप वैष्णव, अमित झा, अनीता शर्मा, माधुरी तलेरा, प्रह्लाद बैरागी तथा हरिओम पँवार, शासकीय हाई स्कूल कनेरी की शिक्षिका श्रद्धा सोनी सहित अन्य ने संवाद में सहभागिता की। आयोजन में तकनीकी सहयोग पिंकी सोलंकी का रहा जबकि संचालन उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने किया।

ये भी पढ़ें