मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत वैष्णोदेवी की यात्रा 23 अप्रैल को, रतलाम जिले को मिला 300 श्रद्धालुओं का लक्ष्य, 15 तक करें आवेदन

शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा फिर से शुरू हो गई है। इसके तहत रतलाम जिले से 23 अप्रैल को वैष्णोदेवी के लिए 300 श्रद्धालुओं का दल जाएगा। यात्रा 28 अप्रैल को संपन्न होगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Apr 4, 2022 - 19:09
Apr 4, 2022 - 19:53
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मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत वैष्णोदेवी की यात्रा 23 अप्रैल को, रतलाम जिले को मिला 300 श्रद्धालुओं का लक्ष्य, 15 तक करें आवेदन

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत आगामी 23 अप्रैल को जिले से वैष्णो देवी के लिए तीर्थयात्री रवाना होंगे। रतलाम जिले के लिए शासन द्वारा 300 यात्रियों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। यात्रा के लिए आवेदन लेना प्रारंभ कर दिए गए हैं। आवेदन 15 अप्रैल तक लिए जाएंगे।

कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत वैष्णो देवी यात्रा के लिए नियोजित ढंग से कार्य योजना तैयार कर आवेदन प्राप्ति हेतु सभी एसडीएम तथा जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया है। यात्रा में डॉक्टर और अटेंडर भी साथ रहेंगे। वैष्णो देवी यात्रा 23 से 28 अप्रैल तक संपन्न होगी। आवेदन-पत्र ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।

किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला सूचना अधिकारी नरेंद्रसिंह चौहान से मोबाइल नंबर 99268-77636 या महेश पोरवाल से मोबाइल नंबर 99771-67429 पर संपर्क किया जा सकता है। तीर्थ यात्रा के इच्छुक हितग्राही अपने आवेदन अपनी जनपद पंचायत अथवा नगरीय निकाय में जमा करा सकते हैं। आवेदन का प्रारूप भी उन्हीं स्थानों से प्राप्त होगा।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।