सुरक्षा में चूक या मजबूरी ? 120 की रफ्तार से दौड़ रहा था केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का काफिला, तभी सामने आ गए ग्रामीण और बच्चे, जानिए- क्या बताई वजह
रतलाम में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के काफिले के सामने ग्रामीण आ गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पुलिस पूछताछ में ग्रामीणों ने बताया कि वे बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए रोज की तरह सड़क पार करा रहे थे।
8 लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निरीक्षण के लिए रतलाम आए थे गडकरी, असावती में निर्माण गुणवत्ता देखी, सर्विस एरिया में नई सुविधा का शुभारंभ किया
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । 8 लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर उस समय हड़कंप मच गया जब 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ रहे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के काफिले के आगे कुछ ग्रामीण और बच्चे आ गए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसा होने से शासन-प्रशासन के अधिकारियों के होश उड़ गए। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की तो उन्होंने इसे एक संयोग बताया।
दरअसल, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस का निरीक्षण कर रहे हैं। गडकरी बुधवार रात मंदसौर जिले के गरोठ में रात्रि विश्राम करने बाद गुरुवार सुबह रतलाम पहुंचे। सुबह करीब 10:25 बजे उनका काफिला जिले के असावती एंट्री पॉइंट पर रुका। यहां कलेक्टर मिशा सिंह और एसपी अमित कुमार ने उनकी अगवानी की। मंत्री गडकरी पांच मिनट पैदल से चले और एक्सप्रेस-वे की निर्माण गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर सिंह और एनएचएआई के अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली तथा अधूरे पेंचवर्क को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने 8 लेन पर पौधारोपण में सहयोग के लिए भी कहा।
...और मच गया हड़कंप
इसके बाद मंत्री का काफिला झाबुआ की ओर रवाना हुआ। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पास करीब 120 किलोम टर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर रहे उनके काफिले के सामने अचानक कुछ ग्रामीण और बच्चे आ गए। ग्रामीण समय रहते हट गए वरना बड़ा हादसा हो सकता था। अचानक बनी इस स्थिति से हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। जानकारी के असार निरीक्षण के दौरान जावरा और थांदला के बीच स्थित रेस्ट एंड सर्विस एरिया में केंद्रीय मंत्री ने नए पेट्रोल पंप का उद्घाटन भी किया।
पुलिस ने ग्रामीणों से की पूछताछ, लिखित कथन लिए
एसपी अमित कुमार ने एसीएन टाइम्स को बताया कि पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया और काफिले के सामने आए ग्रामीणों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने अपने नाम शांतिलाल पिता कानजी भाभर (32), नानालाल पिता कैलाश भाभर (30), दिनेश पिता रामचंद्र भाभर (30) बताए। शांतिलाल ग्राम पंचायत पलसोड़ी का पंच है। उनके साथ 3-4 बच्चे भी थे। पुलिस द्वारा ग्रामीणों को मौखिक एवं लिखित कथन भी लिए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में यह बताई वजह
पंच शांतिलाल भाभर ने पुलिस को लिखित बयान भी दिया है। इसमें उन्होंने बताया कि उनका घर और शासकीय प्राथमिक विद्यालय लिमखोपाड़ा एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर स्थित हैं। उनके दोनों बेटे अजय (कक्षा 5) और गजेंद्र (कक्षा 4) प्रतिदिन इसी मार्ग से स्कूल जाते हैं। गुरुवार सुबह भी वे रोज की तरह बच्चों को स्कूल छोड़ने निकले थे। इसी दौरान अचानक कई वाहन तेज गति से आते दिखाई दिए तो वे सड़क के किनारे खड़े हो गए। वाहन निकलने के बाद बच्चों को सुरक्षित स्कूल छोड़ दिया।
शांतिलाल ने स्पष्ट किया कि वे किसी सरकारी या निजी वाहन को रोकने के लिए वहां खड़े नहीं थे और उन्हें यह भी जानकारी नहीं थी कि गुजर रहा काफिला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का है।
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8 लेन ने बढ़ाई ग्रामीणों की समस्या
बता दें कि, 8 लेन एक्सप्रेस-वे बनने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें बंद हुए संपर्क मार्ग, खेतों में जलभराव और स्थानीय आवागमन की दिक्कतें शामिल हैं। दावा किया जा रहा है कि इन समस्याओं को लेकर ग्रामीण मंत्री गडकरी से रतलाम दौरे के दौरान मुलाकात कर ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन व्यस्त कार्यक्रम और सुरक्षा कारणों से ऐसा संभव नहीं हो सका। हालांकि प्रशासन ने काफिले के आगमन से पहले ही स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर उनके ज्ञापन ले लिए थे।
किसने, क्या उठाई मांग
जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा ने रावटी-शिवगढ़ के बीच एक्सप्रेस-वे पर क्रॉसिंग और संपर्क मार्ग की मांग उठाई। उनका कहना है कि इस सुविधा के अभाव में क्षेत्र के हजारों लोगों, मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस, विद्यार्थियों और व्यापारियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
उधर, सैलाना से BAP विधायक कमलेश्वर डोडियार ने केंद्रीय मंत्री को एक पत्र भेजकर रतलाम-बांसवाड़ा हाईवे को फोरलेन करने की मांग की। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच महत्वपूर्ण आर्थिक एवं सामाजिक संपर्क मार्ग बताते हुए शीघ्र सर्वे कराकर परियोजना को स्वीकृति देने का आग्रह किया।
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