फोरलेन पर दंपति को गिराकर खेत में घसीटा, बेरहमी से पीटा और लाखों के जेवर-नकदी लूटे, न्यायालय ने सुनाई सातों आरोपियों को 10-10 साल की सजा
महू-नीमच फोरलेन पर दंपति से मारपीट कर डकैती करने वाले सात आरोपियों को रतलाम कोर्ट ने 10-10 साल की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 40-40 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया और पीड़ित दंपति को एक लाख रुपए प्रतिकर देने के आदेश दिए गए।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । महू-नीमच फोरलेन पर रात में घूमने निकले एक दंपति को बदमाशों ने बाइक से गिराकर खेत में घसीटा। डंडे और पत्थरों से बेरहमी से मारपीट की और जेवर, नकदी और मोबाइल लूट लिया। करीब दो वर्ष पुरानी इस बहुचर्चित डकैती में रतलाम के सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने सात अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 40-40 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़ित दंपति को जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपए प्रतिकर देने के भी आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, 26 जून 2024 की रात करीब 11 बजे अनिल उपाध्याय अपनी पत्नी सरिता उपाध्याय के साथ मोटरसाइकिल से बालाजी हनुमान मंदिर दर्शन कर महू-नीमच फोरलेन की ओर घूमने गए थे। मांगरोल फंटे से लौटते समय नोबल इंटरनेशनल स्कूल के आगे दो मोटरसाइकिलों पर आए बदमाशों ने उनकी बाइक के सामने अपनी बाइक लगा दी। अचानक सामने वाहन आने से संतुलन बिगड़ा और दंपति सड़क पर गिर गया।
गिरते ही एक आरोपी ने अनिल पर डंडे से हमला कर दिया, जबकि दूसरे ने सरिता पर पत्थर से वार किया। इसके बाद सभी आरोपी दोनों को जबरन खेत की ओर ले जाने लगे। दंपति ने बचने के लिए खेत की फेंसिंग का तार पकड़ लिया, लेकिन आरोपियों ने उन्हें खींचते हुए खेत में घसीट लिया। इस दौरान अनिल के हाथ और सरिता के बाएं हाथ की अंगुली में चोटें आईं। खेत में ले जाकर आरोपियों ने दोनों के साथ हाथ-मुक्कों से भी मारपीट की।
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जेवर, नकदी, मोबाइल और दस्तावेज लूटे, चाकू होने की धमकी दी
मारपीट के बाद आरोपियों ने सरिता उपाध्याय के चार सोने के तार की बालियां (करीब आधा ग्राम), एक खोटा मंगलसूत्र, दो सोने के टॉप्स (करीब चार ग्राम), नाक की सोने की बाली (करीब आधा ग्राम), 30 ग्राम वजनी चांदी की पायजेब की एक जोड़ी और दो खोटी चूड़ियां लूट लीं।
इसके अलावा अनिल उपाध्याय की जेब से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, पर्स, 20 हजार रुपए नकद, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी और एटीएम कार्ड भी छीन लिए। आरोपियों ने धमकी दी कि उनके पास चाकू है और यदि घटना की जानकारी किसी को दी तो जान से मार देंगे। दो आरोपी उनकी मोटरसाइकिल भी ले गए और जाते-जाते कहा कि बाइक आगे पुलिया के नीचे मिल जाएगी।
पेट्रोल पंप पहुंचे, अगले दिन दर्ज कराई रिपोर्ट
घटना के बाद घायल दंपति पैदल नजदीकी पेट्रोल पंप पहुंचे। वहां कर्मचारियों के मोबाइल से डायल-100 पर सूचना दी गई। पुलिस दोनों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल लेकर गई। घटना से सहमे दंपति ने अगले दिन सुबह परिजनों को जानकारी देने के बाद सालाखेड़ी पुलिस चौकी पहुंचकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट में अनिल उपाध्याय ने बताया था कि सभी आरोपी 20 से 30 वर्ष की उम्र के थे। उनमें एक ठिगने कद का मोटा युवक टी-शर्ट पहने था, दूसरा लंबा था तथा दो आरोपियों ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि सामने आने पर वह आरोपियों की पहचान कर सकते हैं।
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मुखबिर की सूचना से गिरफ्तारी, घरों से मिला लूटा गया सामान
सालाखेड़ी चौकी प्रभारी मुकेश यादव ने 23 जुलाई 2024 को मुखबिर की सूचना पर सबसे पहले आरोपी राकेश को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर राकेश पिता रामचन्द्र चन्द्रवंशी (24), विकास उर्फ विक्की पिता कैलाश चौहान (22), दिलीप पिता देवी सिंह परमार (27), संजय पिता कैलाश चौहान (24), वीरेन्द्र पिता राधेश्याम परमार (24), रवि पिता शान्तिलाल परमार (24) तथा विकम पिता बाबूलाल बोडाना (30) को गिरफ्तार किया। सभी ग्राम कल्याणपुरा, थाना भाटपचलाना, जिला उज्जैन के निवासी हैं।
पूछताछ के आधार पर आरोपियों के घरों से दंपति से लूटा गया सामान बरामद किया गया। जेल में कराई गई पहचान परेड में फरियादी अनिल उपाध्याय ने सभी आरोपियों की पहचान की। वहीं, अनिल और सरिता ने बरामद आभूषणों व अन्य सामान को अपना लूटा हुआ माल बताया। न्यायालय में गवाही के दौरान भी दोनों ने आरोपियों की पहचान डकैती करने वालों के रूप में की।
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जुर्माने से मिलेगा एक लाख रुपए प्रतिकर
पुलिस जांच के बाद न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने सभी सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 40-40 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपए पीड़ित दंपति अनिल और सरिता उपाध्याय को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश भी दिया।
जमानत पर थे, सजा के बाद फिर भेजे गए जेल
प्रकरण के दौरान आरोपी राकेश 24 जुलाई 2024 से 23 नवंबर 2024 तक, विकास उर्फ विक्की, दिलीप और संजय 25 जुलाई 2024 से 22 नवंबर 2024 तक, वीरेन्द्र 25 जुलाई 2024 से 21 नवंबर 2024 तक, रवि 25 जुलाई 2024 से 26 नवंबर 2024 तक तथा विकम 25 जुलाई 2024 से 13 नवंबर 2024 तक जेल में रहे थे। बाद में सभी जमानत पर रिहा हो गए थे। अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को पुनः जेल भेज दिया गया। मामले में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने की।







