LPG Update ! MP में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति के लिए प्राथमिकता तय, जानिए- किसको कितनी मिल सकेगी गैस
मप्र शासन ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए गाइडलाइन जारी की है। आपूर्ति के लिए संस्थानों को 5 श्रेणियों में बांट कर आपूर्ति की मात्रा भी नियत कर दी है।
एसीएन टाइम्स @ भोपाल । मध्यप्रदेश शासन (Government of Madhya Pradesh) ने प्रदेश में व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। इसके अनुसार सिलेंडरों की अपूर्ति के लिए संस्थाओं को पांच श्रेणियों में बांटा गया है। इस सभी श्रेणियों को सिलेंडर उपलब्ध (LPG Cylinder Supply) करवाने के लिए मात्रा का निर्धारण भी किया गया है। इन्हें आवश्यकता के विरुद्ध 5 से 30 फीसदी तक अपूर्ति की जाएगी। पहली प्राथमिकता चिकित्सा संस्थान और शैक्षणिक संस्थाओं दी गई है जिन्हें जरूरत का 30 फीसदी आपूर्ति की जा सकेगी।
मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के उप सचिव बी. के. चंदेल (B.K. Chandel) के हस्ताक्षर से जारी आदेश में बताया गया है कि शासन ने निर्णय वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति (Geopolitical Situation) एवं भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas, Government of India) के निर्देशों के अनुपालन में लिया है। इसके अनुसार कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई 5 किलोग्राम, 19 किलोग्राम, 47.5 किलोग्राम तथा 425 किलोग्राम के पैक्ड सिलेंडरों के रूप में की जाएगी। आदेश में जमाखोरी की रोकथाम और आपूर्ति प्रबंधन को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिकता सूची और आपूर्ति का प्रतिशत
आदेश में कहा गया है कि जमाखोरी को रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक उपभोक्ता को आपूर्ति की जाने वाली दैनिक मात्रा संबंधित ओएमसी सॉफ्टवेयर सिस्टम में दर्ज पिछले तीन महीनों के दौरान औसत दैनिक खपत के आधार पर निर्धारित की जाएगी। आपूर्ति निर्धारित की गई प्राथमिकता के अनुसार निर्धारित प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी।
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ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोग को प्रोत्साहन जरूरी
आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ओएमसी अपने-अपने सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग अनुरोध स्वीकार करेंगे और रिफिल अनुरोधों का तिथिवार रिकॉर्ड बनाए रखेंगे। प्रत्येक प्राथमिकता के अंतर्गत लंबित आवश्यकताओं को उपलब्धता के अधीन, यथासंभव अगले दिन पूरा किया जाएगा। यथा संभव संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से वैकल्पिक खाना पकाने की प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावशील होगी।
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ऐसे होगा प्रवर्तन और होगी निगरानी
जिला प्रशासन कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का डायवर्जन, जमाखोरी, अवैध भंडारण, कम तौल तथा कालाबाज़ारी रोकने के लिए नियमित निरीक्षण एवं कार्यवाही करेगा। भारतीय न्याय संहिता - 2025 (Indian Justice Code, 2025), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश - 2000 (Liquefied Petroleum Gas (Supply and Distribution Regulation) Order - 2000) और चोर बाजारी निवारण और आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम, 1980 (Prevention of Blackmarketing and Maintenance of Supplies of Essential Commodities Act, 1980) के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। जिन स्थानों पर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रणाली उपलब्ध है, वहाँ वाणिज्यिक गैस उपभोक्ता द्वारा पीएनजी गैस कनेक्शन हेतु आवेदन करने की स्थिति में वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।



