बड़ी कार्रवाई ! CBI का रतलाम के CGST कार्यलाय में छापा, सहायक आयुक्त रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार, फर्नीचर व्यवसायी भी जांच के घेरे में
रतलाम के सीजीएसटी के सहायक आयुक्त द्वारा जीएसटी से जुड़े मामले में व्यापारी पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। मामले में सीबीआई ने सहायक आयुक्त को गिरफ्तार किया है।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सीबीआई (CBI) ने सीजीएसटी (CGST) के सहायक आयुक्त शंकर परमार (Assistant Commissioner Shankar Parmar) को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने जीएसटी (GST) के मामले में जावरा की एक फर्म के विरुद्ध कार्रवाई शुरू नहीं करने के एवज में रिश्वत थी। रिश्वत की राशि रतलाम (Ratlam) के फर्नीचर व्यवसायी के माध्यम से लेने की बात सामने आई है। सीबीआई ने मामले में फर्नीचर व्यवसायी को भी आरोपी बनाया है।
मंगलवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब पता चला कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने रतलाम से एक फर्नीचर व्यवसायी को पूछताछ के लिए उठाया है। बाद में सूत्रों से पता चला कि 30 जनवरी 2026 को जावरा के राजेश मनसुखानी नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर सीबीआई के भोपाल मुख्यालय से आठ सदस्यीय दल ने सीनियर इंस्पेक्टर अभिषेक सोनेकर के नेतृत्व में कार्रवाई की है। सीबीआई ने रतलाम में पदस्थ सीजीएसटी के सहायक आयुक्त शंकर परमार और सुरेश मनसुखानी (Suresh Mansukhani) नामक एक व्यक्ति को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) व प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है।
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दोपहर में ली थाह, शाम को मारा छापा !
सूत्रों के अनुसार सीबीआई के दल ने मंगलवार दोपहर को ही रतलाम में सीजीएसटी ऑफिस और यहां प्रतापनगर-अहिंसाग्राम मार्ग स्थित फर्नीचर व्यवसाय से जुड़ी फर्म की लोकेशन आदि ट्रैस कर ली थी जिससे जुड़े व्यक्ति के माध्यम से सीजीएसटी के सहायक आयुक्त परमार को रिश्वत मिलने वाली थी। इसके बाद टीम शिकायकर्ता राजेश मनसुखानी (Rajesh Mansukhani) नामक व्यक्ति को जावरा लेने पहुंची और उसे साथ लेकर रतलाम आई। यहां पहले शिकायकर्ता के माध्यम से फर्नीचर निर्माता फर्म के सुरेश मनसुखानी की पहचान की। इसी दौरान टीम ने सीजीएसटी ऑफिस में धावा बोलकर सहायक आयुक्त परमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। विभाग के रिकॉर्ड से शिकायकर्ता से जुड़े प्रकरण की जानकारी भी प्राप्त की।
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5 लाख रिश्वत मांगी, 1.50 लाख में सौदा तय हुआ !
बताया जा रहा है कि सीजीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा शिकायकर्ता राजेश के जीएसटी से जुड़े एक प्रकरण में कार्रवाई नहीं करने के लिए 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। कई बार की चर्चा के बाद सौदा 1.50 लाख रुपए में तय हुआ था। सहायक आयुक्त द्वारा यह राशि सुरेश मनसुखानी के माध्यम से देना तय हुआ था। पुष्टि के बाद सीबीआई ने कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी सुरेश सुरेश प्रसिद्ध फर्म आनंद बिग माल से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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