रतलाम : माहेश्वरी समाज के आचार्य महंत त्रयंबक गिरी ने गो हत्या पर प्रतिबंध की मांग उठाई, 27 अप्रैल को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने का आह्वान किया
माहेश्वरी समाच के प्रथम आचार्य महंत श्री महंत त्र्यंबक गिरी जी ने गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गो सेवा मंत्रालय बनाने की मांग की है। इसके लिए राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन दने का आह्वान भी किया है।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । प्रथम माहेश्वरी आचार्य सोमानी तरुण तपस्वी मंडल श्री महंत त्र्यंबक गिरी जी का रतलाम प्रवास हुआ। गो सेवा के उद्देश्य को लेकर राजस्थान से मध्य प्रदेश के भ्रमण पर निकले आचार्य ने यहां श्री माहेश्वरी भवन में समाजजन एवं नगर के गो सेवकों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गो सम्मान आह्वान अभियान से जुड़कर अभियान को शसक्त बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रथम चरण 27 अप्रैल 2026 को तहसील से लेकर हर स्तर पर अधिकाधिक नागरिकों एवं गो भक्तों के हस्ताक्षर करवाकर राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएं। इसमें मांग की जाए कि, देश में गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गो माता को राष्ट्र माता, राष्ट्र देव और राष्ट्र धरोहर का सम्मान मिले। गो सेवा के लिए केंद्रीय कानून बने एवं केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय बने, जिसमें संपूर्ण भारत वर्ष में समान रूप से गो सेवा हो सके। गोधर बोर्ड बने, चारा सुरक्षा नीति तय हो, गो आधारित कृषि नीति तय हो तथा पंच गव्य उत्पादों का निर्माण एवं वितरण बढ़े।
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महंत श्री का किया सम्मान
रतलाम आगमन पर महंत श्री का अध्यक्ष शैलेंद्र डागा, डॉ. बी. एल. तापड़िया, नरेंद्र बाहेती ने सम्मान किया। इस अवसर पर द्वारकादास भंसाली, राजेश चौखड़ा, राजेश माहेश्वरी, आशीष लोहिया, द्वारकाधीश धूत, जितेंद्र चिचानी, मनीष मालपानी, गोपाल काबरा, मधु बाहेती, शशि मालपानी, राजदेवी राठी एवं बड़ी संख्या में गो सेवक उपस्थित रहे।
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