एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम में थैलेसीमिया पेशेंट के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट करने के लिए कार्यशाला आयोजित करने की कवायद की जा रही है। आयोजन जिला रोगी कल्याण समिति के सहयोग से होगा। इसके लिए इंदौर और रतलाम के मेडिकल कॉलेज द्वारा संयुक्त रूप से प्रयास किया जा रहा है।
यह जानकारी संभागीय ऑर्गन डोनेशन समिति के सदस्य एवं समाजसेवी गोविंद काकानी ने दी। काकानी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज इंदौर के डीन डॉ. संजय दीक्षित के मार्गदर्शन में अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीएस ठाकुर, HOD प्रोफेसर डॉ. प्रीति मालपानी, डॉ. प्राची चौधरी, डॉ. अमृता चौधरी द्वारा एमवाय अस्पताल में भर्ती प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए थैलेसीमिया के रोगियों से परिचय कराया। रोगियों का हाल ही में बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया है।
HOD डॉ. प्रीति मालपानी ने काकानी को बताया कि 2018 से इंदौर एमवाई में बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जा रहा है| अब तक 42 बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जा चुका है। इसमें से 85 फीसदी सफलता मिली है।

मार्च में हो सकता है कार्यशाला का आयोजन
जिला रोगी कल्याण समिति सदस्य काकानी ने बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट के पहले मरीज एवं बोन मैरो देने वाले के लिए आवश्यक टेस्ट किए जाते हैं। इसके लिए अब तक रोगियों को रतलाम से बड़े शहर जाना पड़ता था। इसमें रोगी थैलेसीमिया बच्चे एवं परिवार जन को बहुत अधिक कठिनाई होती है। बढ़ते हुए थैलेसीमिया बच्चों के भविष्य को ध्यान रख रतलाम में भी थैलेसीमिया रोगियों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक टेस्ट के लिए कार्यशाला आयोजित की जाना है। काकानी के अऩुसार रतलाम मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता, HOD डॉ. देवेंद्र नरगावे के प्रयासों से यूएसए के प्रसिद्ध डॉ. प्रकाश सतवानी द्वारा दी गई तारीख पर मार्च में आयोजित किया जाने का प्रयास चल रहा है।
7 जिलों के 140 बच्चे रतलाम में चढ़वाते हैं रक्त
काकानी ने डॉ. प्रीति मालपानी को बताया कि रतलाम जिले सहित आसपास के 7 जिलों के लगभग 140 बच्चे थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होकर रतलाम में रक्त चड़ावा रहे हैं। उनके उज्जवल भविष्य के लिए रतलाम में पहली बार इस प्रकार का कैंप आयोजित करना बहुत ही कठिन काम है। बावजूद जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के सहयोग से इस पुनीत कार्य के प्रयास ने गति पकड़ ली है।