रिश्ते का खून ! हसरत ऐसी कि बेटी ने अपनी ही मां की करवा दी हत्या, सड़क हादसे में मौत दर्शाने के लिए दी 7 लाख की सुपारी

रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 24 वर्षीय बेटी ने सरकारी नौकरी और संपत्ति के लालच में 7 लाख रुपये की सुपारी देकर अपनी मां की हत्या कराई और उसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस ने बेटी समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

रिश्ते का खून ! हसरत ऐसी कि बेटी ने अपनी ही मां की करवा दी हत्या, सड़क हादसे में मौत दर्शाने के लिए दी 7 लाख की सुपारी
जयपुर में सरकारी नौकरी और संपत्ति के लिए बेटी ने करवा दी विधवा मां की हत्या।

पुलिस ने आरोपी बेटी सहित 7 लोगों को किया गिरफ्तार, ताऊ फरार

एसीएन टाइम्स @ जयपुर । किसी ने कहा है, "इंसान की हसरत की कोई इंतिहां नहीं होती।" राजस्थान की राजधानी जयपुर में यह पंक्ति उस समय भयावह सच्चाई बन गई, जब एक 24 वर्षीय बेटी ने अपनी ही मां को मौत के घाट उतारने की साजिश रच डाली। आरोप है कि उसने हत्या को सड़क हादसे का रूप देने के लिए सात लाख रुपए की सुपारी दी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। यह सब युवती ने सिर्फ सरकारी नौकरी और संपत्ति हासिल करने की चाह में किया। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मामला जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र का है। 4 जुलाई को सड़क किनारे पैदल चल रही नीरज शर्मा को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी थी। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मां की मौत के बाद बेटी आयुषी ने अपने मामा राकेश शर्मा को फोन कर बताया कि सड़क दुर्घटना में मां की जान चली गई है। शुरुआती तौर पर यह मामला एक सामान्य सड़क हादसा ही माना गया, लेकिन जल्द ही घटनाक्रम ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया।

मामा को था शक, पुलिस को बताई पूरी बात

नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन प्रताप नगर में अपनी बेटी और एक स्पेशल चाइल्ड के साथ रहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से आयुषी और उसका ताऊ लगातार नीरज को परेशान कर रहे थे। उन्हें धमकियां दी जाती थीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

राकेश शर्मा ने पुलिस के सामने आशंका जताई कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि उनकी बहन की सुनियोजित हत्या हो सकती है। इसी शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।

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CCTV फुटेज ने खोली साजिश की परतें

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि नीरज शर्मा सड़क किनारे चल रही थीं, इसके बावजूद स्कॉर्पियो चालक ने तेज रफ्तार में वाहन सीधे उनकी ओर मोड़कर टक्कर मारी।

प्रत्यक्षदर्शियों ने भी पुलिस को बताया कि चालक ने जानबूझकर तेज गति से वाहन चलाते हुए महिला को निशाना बनाया था। इससे पुलिस का शक और गहरा गया। जब स्कॉर्पियो चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरी साजिश सामने आ गई।

7 लाख की सुपारी देकर कराई मां की हत्या

पुलिस के अनुसार, नीरज शर्मा की बेटी आयुषी ने अपनी मां की हत्या के लिए अरविंद शर्मा, रोहित जाटव और हेमंत शर्मा को सात लाख रुपए की सुपारी दी थी। जांच में सामने आया कि अरविंद ने इस साजिश में आकाश और मोहित को भी शामिल किया। मोहित लगातार नीरज शर्मा की रेकी करता रहा, ताकि उनके घर से बाहर निकलने का सही समय मिल सके।

घटना वाले दिन स्कॉर्पियो आकाश चला रहा था, जबकि अरविंद उसके साथ बैठा था। पुलिस के अनुसार, मोहन स्वरूप भी पूरे षड्यंत्र का हिस्सा था।

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बेटी सहित 7 आरोपी गिरफ्तार, ताऊ फरार

डीसीपी रंजीता शर्मा ने मीडिया को बताया कि नीरज शर्मा की हत्या के मामले में बेटी आयुषी सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें आयुषी, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा, रोहित जाटव और मोहन स्वरूप शर्मा शामिल हैं। आयुषी का परिवार मूल रूप से भरतपुर का रहने वाला है और गिरफ्तार सभी आरोपी भी भरतपुर के निवासी हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या की साजिश में आयुषी का ताऊ बलराम उर्फ रवि भी शामिल था, लेकिन वह फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

सरकारी नौकरी और संपत्ति बनी हत्या की वजह

एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल ने मीडिया को बताया कि- 24 वर्षीय आयुषी ने सरकारी नौकरी और परिवार की पूरी संपत्ति हासिल करने के उद्देश्य से यह साजिश रची। आयुषी के पिता विजय शंकर राजस्थान हाईकोर्ट में एलडीसी थे। कुछ वर्ष पहले उनके निधन के बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सरकारी नौकरी मिली थी।

आयुषी चाहती थी कि मां की मौत के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर सरकारी नौकरी मिल जाए। इसी लालच में उसने अपनी मां की हत्या की साजिश रची और उसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।

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