धराड़ हिंसा मामला ! ‘शेरू चाचा’ को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने खारिज कर दी जमानत याचिका
रतलाम के धराड़ हिंसा केस में मुख्य आरोपी ‘शेरू चाचा’ की अग्रिम जमानत कोर्ट ने खारिज कर दी। पथराव और चाकूबाजी में कई लोग घायल हुए थे, मामले में हत्या के प्रयास की धाराएं लगी हैं।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले के धराड़ में शादी समारोह के दौरान भड़की हिंसा के मुख्य आरोपियों में शामिल ‘शेरू चाचा’ को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गंभीर धाराओं वाले इस केस में उम्र और बीमारी का तर्क भी काम नहीं आया। अदालत ने साफ कहा, अपराध की गंभीरता के आगे राहत नहीं दी जा सकती।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार के अनुसार 14 अप्रैल 2026 की रात करीब 11.20 बजे ग्राम धराड़ में एजाज खान के यहां शादी के दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। फरियादी कबीर बाघेला अपने साथियों राहुल पंवार, देवसिंह चावड़ा, अंकित पाटीदार, धर्मेन्द्र सिसौदिया, अर्जुन टांक के साथ मौजूद था। तभी इंदौर से आए फरदीन और जीशन ने चाकू से हमला कर दिया। उनके 15 से 20 साथियों ने पथराव कर मारपीट की। हमले में आदित्य वर्मा और रूपसिंह चंद्रावत को चाकू लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अस्पताल पहुंचाया। पथराव में अशोक पाटीदार, त्रिलोक प्रजापत और बादल राणा भी घायल हुए।
घटना के बाद से फरार है बुजुर्ग शेरू चाचा
मामले में शेरू चाचा, साहिद शेख, गुड्डू शेख, आर्यन खान, आशिफ, रेहान, इद्रीश, जावेद, अबरार, सिकंदर, वसीम और इमरान खान सहित अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। कबीर बाघेला की शिकायत पर थाना बिलपांक में हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ और अधिकतर आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो गई, लेकिन शेरू चाचा घटना के बाद से फरार बताया गया।
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जमानत के लिए दिया उम्र और बीमारी का तर्क
इसी बीच शेरू चाचा ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दायर कर 71 वर्ष की उम्र, शुगर, ब्लड प्रेशर और गंभीर हृदय रोग का हवाला दिया। हालांकि, सप्तम अपर सत्र न्यायालय राजेश नामदेव ने केस की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि इस स्तर के अपराध में राहत नहीं दी जा सकती और अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कर दिया।
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