सावधान ! आप ऐसी LINK पर न करें Like वरना खाली हो जाएगा बैंक एकाउंट, रतलाम पुलिस ने ऐसी ही ठगी का किया है पर्दाफाश
रतलाम पुलिस ने ऑनलाइन टास्क और प्रोडक्ट लाइक के नाम पर ठगी करने वाले ग्वालियर के शातिर गिरोह पर बड़ी स्ट्राइक की है। ₹1.24 लाख की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
'लाइक' के लालच में लूटाने वालों को पुलिस ने पहुंचाया हवालात, फरार आरोपी की तलाश जारी।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । अगर आपके व्हाट्सएप पर भी "घर बैठे लाखों कमाएं" या "प्रोडक्ट लाइक करो और पैसा पाओ" जैसा कोई लिंक आया है, तो संभल जाइए ! यह आपके बैंक अकाउंट को 'निल बटे सन्नाटा' करने का नया जाल है। रतलाम पुलिस ने इसी जाल को बुनने वाले ग्वालियर के दो शातिर ठगों को दबोचकर एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस के अनुसार इस ठगी का शिकार बनी एक महिला को व्हाट्सएप पर एक 'लुभावना' लिंक मिला था। मामला “Promotion Pioneers-1” नामक एक फर्जी एप का था। ठगों ने पहले छोटे-छोटे टास्क दिए और उन पर कमीशन देकर महिला का भरोसा जीत लिया। जब महिला को लगा कि यहाँ तो 'पैसों की बारिश' हो रही है, तब असली खेल शुरू हुआ।
पुलिस ने की 'सर्जिकल स्ट्राइक', ग्वालियर पहुंची
एसपी अमित कुमार के निर्देशन में साइबर सेल और थाना माणकचौक की टीम ने डिजिटल ट्रेल का ऐसा पीछा किया कि ठग ग्वालियर के करहिया और डबरा तक जा छिपे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शंस की कड़ियों को जोड़ते हुए दो आरोपियों को धर दबोचा। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक राकेश मेहरा, जीवन बारिया, प्रधान आरक्षक रवींद्र शुक्ला, हिम्मत सिंह, आरक्षक मोरसिंह और राहुल पाटीदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फिलहाल, तीसरा आरोपी रिंकेश (ग्वालियर) फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीम लगी हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों का कच्चा चिट्ठा
- करन कुशवाह (ग्वालियर) : इसने अपना बैंक खाता कमीशन के लालच में ठगों को 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल करने के लिए दिया था।
- दीपू कुशवाह (डबरा) : यह वह मास्टरमाइंड है जिसने करन को लालच देकर उसका अकाउंट खुलवाया और ठगी की रकम को चैनलाइज किया।
'म्यूल अकाउंट' का ऐसा खेल
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये गिरोह कमीशन का लालच देकर भोले-भाले या पैसों के लालची लोगों के नाम पर बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) खुलवाते हैं। सारा पैसा इन्हीं खातों में मंगाया जाता है ताकि पुलिस असली सरगना तक न पहुँच सके। लेकिन रतलाम पुलिस की पैनी नजर से ये डिजिटल चोर बच नहीं सके।
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रतलाम पुलिस और एसीएन टाइम्स अपील
अनजान लिंक पर क्लिक न करें : घर बैठे पैसा कमाना इतना आसान नहीं है।
क्यूआर कोड मतलब 'पैसे देना' : किसी से पैसा लेने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती, यह सिर्फ पैसा भेजने के लिए होता है।
तुरंत सूचना दें : अगर आपके साथ ठगी हो, तो बिना देर किए 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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