साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत ! रतलाम पुलिस ने 68 पीड़ितों को वापस कराए करीब ₹3.97 लाख, SP अमित कुमार की पहल से कम राशि वाले मामलों में भी कार्रवाई तेज
रतलाम पुलिस ने I4C के MRM पोर्टल के माध्यम से 68 साइबर ठगी पीड़ितों को करीब ₹3.97 लाख वापस दिलाए। एसपी अमित कुमार ने समय पर 1930 और NCRP पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
I4C के MRM पोर्टल के जरिए पीड़ितों तक पहुंची राहत
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ ही पीड़ितों को त्वरित आर्थिक राहत दिलाने में उल्लेखनीय कार्य किया है। पुलिस ने I4C के MRM पोर्टल के माध्यम से ठगी के 68 पीड़ितों को ₹3.97 लाख की वापसी करवाई है। अब उन मामलों में भी कार्रवाई तेज हो गई है, जिनमें ठगी गई रकम अपेक्षाकृत कम होने के कारण पीड़ित आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते थे।
एसपी अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में रतलाम पुलिस ने गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा संचालित राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से ऐसे पीड़ितों की पहचान कर उन्हें उनकी राशि वापस दिलाने की पहल की है। पुलिस द्वारा अब तक 68 साइबर ठगी पीड़ितों की पहचान कर उनके बैंक खातों में लगभग ₹3.97 लाख की राशि सफलतापूर्वक वापस कराई जा चुकी है।
यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्होंने समय रहते साइबर ठगी की शिकायत तो दर्ज कराई थी, लेकिन ठगी की राशि कम होने के कारण न्यायालयीन अथवा अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं में आगे सक्रिय नहीं हो पाए थे। इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक जीवन बारिया, प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह तथा आरक्षक राहुल पाटीदार की सराहनीय भूमिका रही।
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₹2 हजार से ₹5 हजार की ठगी भी नहीं होगी नजरअंदाज
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी के कई मामलों में ₹2,000 से ₹5,000 अथवा उससे कुछ अधिक राशि की ठगी होने पर पीड़ित शिकायत दर्ज कराने के बाद राशि वापस लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं करते। परिणामस्वरूप संबंधित बैंक खातों में होल्ड (फ्रीज) की गई राशि लंबे समय तक वापस नहीं मिल पाती।
रतलाम पुलिस ने ऐसे मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित पीड़ितों से स्वयं संपर्क स्थापित किया और MRM पोर्टल के माध्यम से उनकी राशि वापस कराने की प्रक्रिया पूरी कराई।
क्या है MRM पोर्टल?
मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM), राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) का एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ित अपने बैंक खातों में होल्ड की गई राशि वापस प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
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ऐसे पीड़ितों को मिलता है लाभ
- साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा NCRP पोर्टल पर समय रहते शिकायत दर्ज कराई हो।
- ठगी गई राशि संबंधित बैंक खातों में समय रहते होल्ड (Freeze) कराई गई हो।
समय पर शिकायत करें- एसपी अमित कुमार
एसपी अमित कुमार ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो बिना विलंब साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि को होल्ड कराकर वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि रतलाम पुलिस नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने और पीड़ितों को त्वरित राहत एवं न्याय दिलाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
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