बड़ी सजा ! 4 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नौकरी से हटाया, बैठकों में अनुपस्थित रहने और काम नहीं करने पर गिरी गाज
रतलाम जिले की 4 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इन पर कार्य में लापरवाही, बैठकों में अनुपस्थिति सहित कई आरोप हैं।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम जिले में कामचोर और लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाजना परियोजना की चार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नौकरी से हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों को बैठकों में अनुपस्थित रहने और दिए गए लक्ष्यों के विरुद्ध शून्य प्रगति रहने के कारण पर यह दंड मिला है।
बाजना परियोजना में अधिकारियों द्वारा लगातार आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान चार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की स्थिति काफी खराब मिली। इन सभी को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे और नियत समयावधि में स्पष्टीकरण मांगा गया था। बावजूद इन कर्मचारियों ने न तो ठीक से जवाब देना जरूरी समझा और न ही अपने रवैये में कोई सुधार किया।
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इन कारणों से की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार सैलाना के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तरुण जैन और अन्य द्वारा आंगनवाड़ियों में लापरवाहियों और काम नहीं होने की शिकायत के बाद निरीक्षण किया था। इस दौरान अनेकों अनियमितताएं सामने आईं थी। कार्यकर्ता / सहायिका की लगातार आंगनबाड़ी केन्द्रों में एवं सेक्टर बैठकों में अनुपस्थिति, विभागीय योजनाओं में अरुचि एवं पोषण ट्रैकर ऐप में लक्ष्य में 0 (शून्य) प्रगति सहित विभिन्न पैरामीटर पर कार्य नहीं करने एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने का शामिल हैं। इसके चलते ही यह कार्रवाई की गई है।
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इन्होंने समाप्त की सेवाएं
लापरवाही और कर्तव्यों के प्रति उदासनी के चलते सैलाना के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तरुण जैन द्वारा जांच के बाद प्रतिवेदन दिया गया था। इसके आधार पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रामनिवास बुधौलाया ने गैर-जिम्मेदार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी है। इनमें आंगनवाड़ी केंद्र रतनगढ़ नल्ला की कार्यकर्ता ललिता निनामा, जानकरा-02 की कार्यकर्ता अंगूरबाला चारेल, आंगनबाड़ी केंद्र बजरंगगढ़-02 की कार्यकर्ता वाली बाई, आंगनबाड़ी केंद्र देवीपाड़ा की सहायिका सुरता बाई शामिल हैं।






