नई टीम - नया सवेरा ! MSME मंत्री चेतन्य काश्यप के मुख्य आतिथ्य में 2 मई को होगा RDA में पदग्रहण समारोह, जानिए- किसे मिलेगा जन्मदिन का तोहफा और दिवंगत पिता का आशीर्वाद
रतलाम विकास प्राधिकरण के पदग्रहण समारोह में एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप होंगे मुख्य अतिथि, 2 मई को होगा आयोजन।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम विकास प्राधिकरण (RDA) के नवनियुक्त पदाधिकारियों का पदग्रहण समारोह 2 मई को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि सांसद अनिता चौहान समारोह की अध्यक्षता करेंगी।
रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त पदाधिकारियों का पदग्रहण समारोह 2 मई को प्रातः 9.00 बजे आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम हाथीखाना स्थित रतलाम विकास प्राधिकरण कार्यालय में संपन्न होगा। समारोह में एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप मुख्य अतिथि रहेंगे, जबकि सांसद अनिता चौहान अध्यक्षता करेंगी। इस अवसर पर आरडीए के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, उपाध्यक्ष गोविन्द काकानी एवं प्रवीण सोनी तथा सदस्य राजेन्द्र सिंह गोयल, धीरज व्यास, राजेन्द्र मौर्य, राखी व्यास एवं किरण महावर पदग्रहण करेंगे।
कार्यक्रम में महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर एवं नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समारोह को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। जिला महामंत्री जयवंत कोठारी ने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान किया है।
उपाध्यक्ष काकानी को जन्मदिन का तोहफा
बता दें कि, सेवा के लिए समर्पित नव नियुक्ति उपाध्यक्ष गोविंद काकानी के लिए रविवार का दिन तीन खास अवसर लेकर आ रहा है। वे उपाध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे जो उन्हें उनके जन्मदिन (2 मई) का तोहफा ही होगा। इसी दिन ज्येष्ठ माह की एकम (प्रतिप्रदा) तिथि भी और इसी दिन काकानी के पिता मीसाबंदी प्रहलाददास काकाणी का निधन हुआ था, यानी तिथि के हिसाब से यह उनकी पुण्यतिथि है। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि यह एक विशेष संयोग ही है जब दिवंगत प्रहलाद दास काकानी सूक्ष्म रूप से अपने पुत्र गोविंद की खुशियों के साक्षी होंगे।
ये भी पढ़ें
मंत्री काश्यप के प्रयासों को मिली सफलता
गौरतलब है कि आरडीए अध्यक्ष और बोर्ड को लेकर कई प्रकार के दवाब समूह कार्य कर रहे थे। अध्यक्ष पद की दौड़ में जहां मंत्री चेतन्य काश्यप के समर्थक मनोहर पोरवाल सबसे आगे थे वहीं यह पद हथियाने के लिए पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल के लिए उनके राजनीतिक आका मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी डटे हुए थे। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा की ओर से भी अंतिम समय तक प्रयास किए गए। माना जा रहा था कि यदि बड़े नेताओं कि इस जोर-आजमाइश में समीकरण बिगड़े तो पद काकानी या सोनी में से भी किसी के पास आ सकता है। हालांकि, इसकी आवश्यकता नहीं पड़ी क्योंकि मंत्री काश्यप की जमावट के आगे किसी की एक नहीं चली। उन्होंने न सिर्फ अपने समर्थक पोरवाल को अध्यक्ष बनवाने में सफलता अर्जित की अपितु बाकी दावेदारों को भी उचित सम्मान मिल गया।
ये भी पढ़ें









