2.12 करोड़ की ठगी ! रिटायर्ड अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) ही हो गए डिजिटल अरेस्ट का शिकार, महाराष्ट्र के ठाणे से आरोपी जिम ट्रेनर हुआ गिरफ्तार
सेवानिवृत्त एडीजी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2 करोड़ 12 लाख 10 हजार रुपए की साइबर ठगी के मामले में ठाणे से जिम ट्रेनर गिरफ्तार। आरोपी बैंक खातों के दुरुपयोग और ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में सहयोग कर रहा था।
जयपुर साइबर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर दी थी गिरफ्तारी की धमकी; मामले में अब तक 7 गिरफ्तार
एसीएन टाइम्स @ जयपुर । सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को जयपुर पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया है। गिरोह ने एक सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) को मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने का डर दिखाकर 2 करोड़ 12 लाख 10 हजार रुपए ऐंठ लिए थे।
जयपुर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह के मीडिया को बताया कि फरियादी एडीजी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि गत 9 से 18 अगस्त 2026 के बीच आरोपियों ने फोन और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए उनसे संपर्क किया। उन्होंने खुद को पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर उन्हें गंभीर अपराधों में फंसाने तथा गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी दी। आरोपियों ने दबाव बनाकर उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर रहने, किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं करने और अपनी लाइव लोकेशन चालू रखने के लिए मजबूर किया।
लगातार भय और दबाव के चलते सेवानिवृत्त एडीजी ने 13 अगस्त को आईसीआईसीआई बैंक खाते में 2 करोड़ 2 लाख रुपए और 18 अगस्त को यस बैंक खाते में 10 लाख 10 हजार रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। इस तरह आरोपियों ने कुल 2 करोड़ 12 लाख 10 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया।
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टेलीग्राम चैनल के जरिए गिरोह से जुड़ा आरोपी
साइबर पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपी रविंद्र जितेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ अक्षय सिंह उर्फ देवा तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि रविंद्र टेलीग्राम सोशल मीडिया एप पर संचालित ‘बीआरओ पे-चैनल’ के जरिए साइबर अपराधियों के संपर्क में आया था। पैसों के लालच में वह गिरोह के सदस्यों को होटलों में ठहराने, उनकी गतिविधियों पर नजर रखने, पहचान छिपाकर सिम कार्ड इस्तेमाल करने और बैंकिंग दस्तावेजों को संभालने जैसे काम करता था।
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संदिग्ध एपीके फाइल भी की थी इंस्टॉल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जिम ट्रेनर है। उसने पार्सल के जरिए मिले मोबाइल फोन में ‘DooFlix_v9.9b.apk’ नाम की संदिग्ध एपीके फाइल भी इंस्टॉल की थी। जांच में यह भी सामने आया कि वह बैंक खातों के दुरुपयोग और ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में सहयोग कर रहा था। पुलिस ने आरोपी रविंद्र को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लेकर आई है। इस प्रकरण में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।पुलिस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
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