करोड़ों की लूट का लगा सुराग ! सराफा व्यापारी के पूर्व कर्मचारी सहित आधा दर्जन लोग पुलिस के रडार पर, माल बरामद होने की भी खबर, आधिकारिक पुष्टि बाकी
रतलाम के रेनमऊ फंटे पर सर्राफा व्यापारी से हुई करीब 7.5 करोड़ रुपए की लूट के मामले में पुलिस को 48 घंटे में बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों के अनुसार आरोपी पकड़े गए हैं और लूट का माल भी बरामद हो गया है।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बिलपांक थाना क्षेत्र के रेनमऊ फंटे पर 13 अगस्त की रात सराफा व्यापारी से हुई करीब साढ़े सात करोड़ रुपए की कथित लूट के मामले में रतलाम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल कर ली है। पुलिस ने वारदात से जुड़े आरोपियों तक पहुंचने के साथ ही लूटे गए माल की बरामदगी भी कर ली है। आरोपियों में व्यापारी का ही एक पूर्व कर्मचारी भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस रविवार शाम 4.30 बजे पूरे घटनाक्रम का आधिकारिक रूप से खुलासा करेगी। है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बड़नगर से लौटते समय साराफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया के साथ हुई सनसनीखेज वारदात के मामले में न सिर्फ अहम सुराग हाथ लगे बल्कि भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह में व्यापारी का पूर्व कर्मचारी भी शामिल है जिसके सहित करीब आधा दर्जन लोगों ने मिलकर पूरी वारदात की साजिश रची थी। पुलिस को इस बात के भी सुराग मिले हैं कि आरोपी लंबे समय से व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और उसके आने-जाने तथा माल ले जाने की जानकारी जुटा रहे थे।
बस में हुई थी वारदात
बता दें कि, शहर की जैन कॉलोनी निवासी सर्राफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया 13 अगस्त की रात बड़नगर से बस में सवार होकर रतलाम लौट रहे थे। इसी दौरान पांच-छह लोग अलग-अलग तरीके से बस में सवार हुए। इनमें से एक व्यक्ति चालक के पास जाकर बैठ गया, जबकि बाकी लोग बस में अलग-अलग स्थानों पर बैठ गए।
रात करीब 9.30 बजे के बीच चालक के पास बैठे व्यक्ति के कहने पर बस को रुकवाया गया। बस के रुकते ही पहले से तैयार आरोपियों ने व्यापारी के पास रखा बैग छीन लिया और तत्काल मौके से फरार हो गए। बैग में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और नकदी होने की बात सामने आई थी। शुरुआती जानकारी में लूटे गए माल की कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपए आंकी गई थी।
वारदात के दौरान व्यापारी के पास करीब 300 ग्राम सोने के आभूषण जेब में रह गए थे। व्यापारी ने बाद में अपने एक परिचित को बुलाकर यह माल सुरक्षित रखने के लिए सौंप दिया था। इसी घटनाक्रम के बाद मामले की कहानी में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई थी।
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पहले भी बनाई थी लूट की साजिश
जांच में पुलिस के सामने यह बात भी आई है कि आरोपियों ने इस वारदात को अचानक अंजाम नहीं दिया था। व्यापारी की लंबे समय से रेकी की जा रही थी। उसके व्यापार, आवाजाही और कीमती माल लेकर आने-जाने की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने इससे पहले भी व्यापारी को निशाना बनाने की साजिश रची थी, लेकिन उस समय वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद दोबारा पूरी तैयारी के साथ ऐसी योजना बनाई गई, जिसमें बस के भीतर से ही व्यापारी को निशाना बनाया गया।
घटना के बाद रातभर चला ऑपरेशन
करोड़ों रुपए की इस वारदात को रतलाम पुलिस ने गंभीर चुनौती के रूप में लिया। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमित कुमार सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए थे। अलग-अलग टीमों को आरोपियों की तलाश और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगाया गया।
पुलिस टीमों ने लगातार करीब 48 घंटे तक काम करते हुए संभावित आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की गतिविधियों को खंगाला। तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ पूछताछ और अन्य माध्यमों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक रूप से किसी आरोपी का नाम या बरामद माल का विवरण सार्वजनिक नहीं किया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मामले लगभग पूरी तरह ट्रैस हो चुका है और लूटे गए माल की बरामदगी भी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है।
अब सभी की नजर पुलिस की आधिकारिक घोषणा पर है, जिसमें वारदात की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका, लूटे गए माल की वास्तविक मात्रा और बरामदगी सहित पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। पुलिस द्वारा इसके लिए शाम 4.30 बजे पत्रकार वार्ता आहूत की है।
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