प्रशासन की सख्ती ! बस स्टैंड चौड़ीकरण विवाद में तय की अफसरों की जवाबदेही, जर्जर दुकानों से जनहानि होने पर एसडीएम-सीएमओ होंगे जिम्मेदार
सैलाना बस स्टैंड चौड़ीकरण मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर कार्यालय ने एसडीएम और नगर परिषद सीएमओ को निरीक्षण व कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जर्जर दुकानों से जनहानि होने पर दोनों अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
एसीएन टाइम्स @ सैलाना । नगर के बहुचर्चित बस स्टैंड चौड़ीकरण मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। विभिन्न समाचार पत्रों में जर्जर दुकानों की स्थिति उजागर होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। कलेक्टर कार्यालय ने सैलाना एसडीएम और नगर परिषद सीएमओ को तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि जर्जर दुकानों के कारण कोई जनहानि होती है तो उसकी सीधी जवाबदेही संबंधित एसडीएम और सीएमओ की होगी।
नगर परिषद द्वारा बस स्टैंड चौड़ीकरण की योजना करीब 42 लाख रुपए की लागत से तैयार की गई है। इसके तहत वर्ष 1983 में निर्मित 15 पुरानी दुकानों को हटाकर बस स्टैंड का विस्तार किया जाना है। योजना में प्रभावित दुकानदारों के लिए पीछे नई और अधिक सुविधाजनक दुकानें बनाकर उन्हें लागत मूल्य पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी शामिल है।
योजना के विरोध में कुछ दुकानदार हाईकोर्ट पहुंचे थे। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को सभी प्रभावित दुकानदारों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए। इसके बाद सीएमओ ने सभी दुकानदारों की व्यक्तिगत सुनवाई की और उन्हें बताया कि लगभग छह माह के भीतर नई दुकानें बनाकर लागत मूल्य पर उपलब्ध करा दी जाएंगी।
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कुछ दुकानदार सहमत, कुछ अब भी असहमत
सुनवाई के बाद कई दुकानदार योजना के पक्ष में आ गए और उन्होंने अपनी दुकानें खाली करने के साथ शटर तक हटा दिए। हालांकि, कुछ दुकानदार अब भी प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं। इसी बीच संबंधित शासकीय विभाग इन दुकानों को पहले ही जीर्ण-शीर्ण एवं असुरक्षित घोषित कर चुका है।
दुकान का छज्जा गिरने से बनी भयावह स्थिति
स्थिति की गंभीरता उस समय सामने आई जब 5 जुलाई को खाली पड़ी दुकानों में से एक का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अगले दिन 6 जुलाई को यह घटना विभिन्न समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
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कार्यालय कलेक्टर (शहरी विकास), रतलाम द्वारा जारी पत्र में 6 जुलाई को प्रकाशित समाचारों का उल्लेख करते हुए सैलाना एसडीएम और नगर परिषद सीएमओ को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में दोनों अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक निर्णय लेने तथा ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि न हो। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और सीएमओ की मानी जाएगी।
संयुक्त निरीक्षण कर कार्रवाई करेंगे
इधर, सैलाना एसडीएम सुनील जायसवाल ने बताया कि बस स्टैंड की दुकानों के संबंध में पत्र प्राप्त हो गया है। पत्र के निर्देशों के अनुरूप बुधवार को नगर परिषद सीएमओ के साथ संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद स्थिति के अनुसार आगामी कार्रवाई और आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।








