रतलाम में 66,145 बच्चों की APAR ID बाकी, 1,066 का नामांकन नहीं, 738 स्कूल भवनों का सर्वे लंबित, कलेक्टर ने शुरू किया Mission Muskaan !
रतलाम जिले के 66,145 बच्चों की अपार आईडी बनना बाकी है, 1,066 बच्चों का नामांकन नहीं हुआ है और 738 स्कूल भवनों का को-लोकेशन सर्वे लंबित है। इसे देखते हुए कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देश पर मिशन मुस्कान शुरू किया गया है।
कलेक्टर मिशा सिंह ने सौंपी जिम्मेदारी, मिशन मुस्कान में लंबित कार्यों पर सख्ती के निर्देश
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले के 3 से 16 वर्ष आयु के 66,145 बच्चों की अपार आईडी बनना बाकी है। 1066 बच्चों का शिक्षा हेतु अभी तक संथाओं में नामांकन नहीं हुआ है। जिले के लगभग एक तिहाई स्कूलों के भवनों का को-लोकेशन सर्वे होना भी शेष है। जिले में ई-अटेंडेंस 94 प्रतिशत पाई गई है।
यह जानकारी मिशन मुस्कान के तहत शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई समीक्षा में सामने आई। समीक्षा बैठक जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में आहूत की गई थी। जिला शिक्षा केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक, अखिलेश राजपूत, महिला एवं बाल विकास सहायक संचालक भारती डांगी, विभिन्न विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, बीएसी, सीडीपीओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इसमें जिले में बच्चों के शिक्षण संस्थाओं में नामांकन, अपार आईडी निर्माण, स्कूल भवनों के को-लोकेशन सर्वे और ई-अटेंडेंस की समीक्षा हुई।
बैठक में बताया गया कि कक्षा पहली में प्रवेश के लिए 25 जुलाई 2026 तक शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य है जिसमें से 1,066 बच्चे नामांकन से वंचित हैं। इनमें बाजना के 636 और रतलाम के 309 बच्चे शामिल हैं। जिले में सभी बच्चों की अपार आईडी भी बनाई जाना है जिसमें से अभी 66,145 बच्चों की अपार आईडी बनना शेष है।
को-लोकेशन सर्वे के तहत 2,030 भवनों में से 738 भवनों की प्रविष्टि लंबित है, जिसे तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सभी विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर, जादुई पिटारा, जीरो पीरियड और लाइब्रेरी का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करना है।
ई-अटेंडेंस की यह है स्थिति
ई-अटेंडेंस की समीक्षा भी की गई जो 94 प्रतिशत पाई गई, यानी अभी 6 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो ई-अटेंडेंस नहीं दर्ज कर रहे। इससे शत-प्रतिशत करने पर जोर दिया गया। कंट्रोल रूम नंबर 07412-297544 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत पंजीयन, विद्या आरंभ सूची साझा करने, पलायन का रिकॉर्ड रखने और आंगनवाड़ी-विद्यालय समन्वय मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
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31 जुलाई तक चलेगा मिशन मुस्कान
मौजूदा स्थिति को देखते हुए कलेक्टर मिशा सिंह के निर्दश पर जिले में मिशन मुस्कान शुरू किया गया है। जिले में 3 से 16 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 31 जुलाई 2026 तक यह अभियान चलेगा। अभियान के तहत आंगनवाड़ी और स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन, अपार आईडी निर्माण, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के तहत 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्रों पर शत-प्रतिशत पंजीयन कर उन्हें प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा है। इसी प्रकार 6 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित भी होगा। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों की मैपिंग कर एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर उनकी प्रविष्टि भी करना होगा।
कलेक्टर ने सौंपी जिम्मेदारी, अधिकारियों से की ताकीद
जिले में मिशन मुस्कान के प्रभावी संचालन के लिए कलेक्टर मिशा सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
प्रत्येक शासकीय विद्यालय में मिशन मुस्कान के लिए एक शिक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया जा रहा है। कक्षा पहली में प्रवेश के लिए प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। 5 से 6 वर्ष आयु के निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक करेंगे।
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अब ऐसे होगा काम
30 जुलाई तक छह वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। 30 जुलाई तक चाइल्ड ट्रैकिंग ऐप में दर्ज बच्चों का आयु के अनुसार नामांकन कर अपार आईडी तैयार की जाएगी। 30 सितंबर 2026 तक सभी बच्चों की अपार आईडी बनाई जाएगी।
आंगनवाड़ी केंद्रों के सर्वे के माध्यम से ड्रॉपआउट बच्चों की सूची तैयार कर बीआरसी को उपलब्ध कराई जाएगी। जनशिक्षक अपने क्षेत्र की सभी आंगनवाड़ी भवनों की ग्राउंड ट्यूनिंग रिपोर्ट तीन दिन में पूर्ण करने होंगे। बीएसी और सीएसी की प्रतिदिन मॉनिटरिंग विकासखंड एवं जिला स्तर पर की जाएगी और इसी आधार पर उनका मूल्यांकन होगा।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का सर्वे कर 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन करेंगी। सरकारी अथवा निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का विवरण भी पोषण ट्रैकर में दर्ज किया जाएगा। प्रवेशित बच्चों की सूची पंचायत भवन पर चस्पा कर ग्राम पंचायत को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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कंट्रोल रूम में देना होगी जानकारी
यदि कोई अभिभावक 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चे का आंगनवाड़ी अथवा विद्यालय में संस्थागत प्रवेश नहीं कराता है तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम नंबर 07412-297544 पर दी जा सकती है। 18 अगस्त 2026 के बाद ऐसे अप्रवेशी बच्चों की सूचना देने वाले व्यक्ति को सम्मानित किया जाएगा।
शिकायतों के निराकरण एवं अभिभावकों की समझाइश के लिए विकासखंड स्तर पर समिति गठित की गई है। इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत), परियोजना अधिकारी (महिला एवं बाल विकास), विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसीसी), श्रम निरीक्षक तथा नायब तहसीलदार (कार्यपालिक मजिस्ट्रेट) शामिल रहेंगे।
पलायन करने वाले परिवारों का रिकॉर्ड भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संधारित किया जाएगा तथा उनके लौटने पर बच्चों का संस्थागत प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।
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