700+ विद्यालयों की राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में सांदीपनि विद्यालय विनोबा रतलाम देश में प्रथम, FICCI समर्थित ‘अराइज अवॉर्ड’ से हुआ सम्मानित

सांदीपनि विद्यालय विनोबा रतलाम ने FICCI समर्थित राष्ट्रीय अराइज अवॉर्ड की टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट श्रेणी में देश में प्रथम स्थान हासिल किया। 700 से अधिक विद्यालयों की चयन प्रक्रिया के बाद विद्यालय को यह राष्ट्रीय सम्मान मिला।

700+ विद्यालयों की राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में सांदीपनि विद्यालय विनोबा रतलाम देश में प्रथम, FICCI समर्थित ‘अराइज अवॉर्ड’ से हुआ सम्मानित
रतलाम के सांदीपनि स्कूल विनोबा ने फिर गाड़ा उपलब्धि का झंडा।

‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में हासिल किया पहला स्थान, नई दिल्ली में अराइज लर्निंग फेस्टिवल के दौरान ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र प्रदान

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय ने फिक्की (FICCI) समर्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर का ‘अराइज अवॉर्ड’ अपने नाम किया है। विद्यालय को यह सम्मान ‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मिला है। राष्ट्रीय स्तर की इस चयन प्रक्रिया के पहले चरण में देशभर के 700 से अधिक विद्यालयों ने भाग लिया था, जबकि तीसरे और अंतिम चरण तक प्रत्येक श्रेणी में शॉर्टलिस्ट किए गए 63 विद्यालय पहुंचे थे।

विद्यालय के उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने यह पुरस्कार फिक्की के अराइज लर्निंग फेस्टिवल 2026 के दौरान नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में प्राप्त किया। उन्हें यह सम्मान डॉ. राजेश पंकज, सीनियर डायरेक्टर, फिक्की, अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद पैट्रिक दरहम, निकोले बेंचार्ड तथा डॉ. अरुनभ सिंह, अध्यक्ष, अराइज की उपस्थिति में प्रदान किया गया। इस अवसर पर विद्यालय को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। अराइज फेस्टिवल के दौरान अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शिखर धवन तथा डॉ. दीपक बागला, मिशन डायरेक्टर, अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग ने भी अलग-अलग सत्रों में संबोधित किया।

तीन चरणों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर मिला राष्ट्रीय सम्मान

‘अराइज अवॉर्ड’ के लिए विद्यालय का चयन तीन चरणों की प्रक्रिया के बाद हुआ। पहले चरण में संस्था में चल रहे शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के विभिन्न प्रकल्पों, उनके लगातार क्रियान्वयन और प्राप्त परिणामों को दर्ज किया गया। दूसरे चरण में संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।

चयन प्रक्रिया का तीसरा चरण 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित हुआ। इसमें विद्यालय के ‘टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट मॉडल’ का राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के समक्ष प्रस्तुतिकरण किया गया। विद्यालय के उप प्राचार्य एवं ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल का निर्माण करने वाले राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेन्द्र सिंह राठौर ने यह प्रस्तुतिकरण दिया।

ये भी पढ़ें

पहले चरण में देशभर से 700 से अधिक विद्यालयों ने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। तीसरे चरण तक प्रत्येक कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट किए गए 63 विद्यालय पहुंचे, जहां उनके कार्यों का प्रस्तुतिकरण और प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया।

क्यों मिला पुरस्कार

उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम शिक्षक व्यावसायिक विकास के लिए एक विशिष्ट दृष्टिकोण अपना रहा है। इसमें देश-दुनिया के अग्रणी विद्यालयों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा कर उनसे सीखने पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को नई पीढ़ी के साथ निरंतर विकसित होने के लिए तैयार करना और विद्यालय में सतत व्यावसायिक विकास का मजबूत तंत्र तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय का लक्ष्य ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जिसमें सतत व्यावसायिक विकास के माध्यम से टीम विनोबा के शिक्षकों के सीखने, प्रयोग करने और अपने अभ्यास को लगातार बेहतर बनाने के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र निरंतर जारी रहे। शिक्षक बदलाव के वाहक बने रहें और प्रशंसा की संस्कृति जारी रहे।

विद्यालय अब सभी शिक्षकों के लिए शिक्षण प्रक्रिया में स्व-गति आधारित एआई उपकरणों के एकीकरण की दिशा में अगले चरण पर काम कर रहा है। विद्यालय की निरंतर विकास यात्रा में ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ के साथ ‘द जेन सा मॉडल’, ‘ब्रूडिंग इफेक्ट’ और ‘शिक्षा एकीकरण मॉडल’ जैसे नवाचारों को जोड़ा जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास जारी रह सके। संस्था प्राचार्य संध्या वोरा ने शिक्षक विकास मॉडल की निरंतरता, सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय-स्तरीय प्रभाव को रेखांकित किया।

ये भी पढ़ें

शासकीय विद्यालयों के नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान

इस उपलब्धि ने एक बार फिर शासकीय शिक्षकों की टीम विनोबा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। विद्यालय की ओर से कहा गया कि यह उपलब्धि इस बात को रेखांकित करती है कि मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालय अपने नवाचारों के माध्यम से देश और विदेश में अपनी पहचान बना सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम ने वर्ष 2024 में नवाचार श्रेणी में विश्व के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का 10 हजार डॉलर का पुरस्कार भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त किया था। विद्यालय को दक्ष विद्यालय, राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा मेडल और आईएसओ अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है तथा प्रदेश में विद्यालय को लाइट हाउस का दर्जा प्राप्त है। विद्यालय में प्रदेशभर से 45 से अधिक विद्यालयों के 100 से अधिक शिक्षक और प्राचार्य आकर विद्यालय की शिक्षण प्रक्रियाओं और नवाचारों से जुड़ चुके हैं।

ये भी पढ़ें

टीम विनोबा को मिली बधाइयां

इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी, योजना अधिकारी जितेंद्र जोशी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय मीणा, उपाध्यक्ष कमल पाटीदार सहित समिति सदस्यों ने टीम विनोबा को बधाई दी। बधाई प्राप्त करने वालों में विद्यालय की प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर, वंदना सोवणचा, भावना रावत, अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, अजय मरमट, हिना शाह, बिंद्राक्षी पंवार, ज्योति मंडलोई, सुनीता पवार, रूपाली जैन, मनीषा चौधरी, सरिता राजपुरोहित, माधुरी तलेरा, कविता वर्मा, आशीष सोलंकी, पिंकी सोलंकी, वंदना सोवणचा, राजाराम सेकवाडिया, साक्षी सोलंकी, प्राची पुरोहित, प्रशांत वसुनिया, प्रहलाद बैरागी, अमित झा, प्रदीप वैष्णव, अमन सिंह राठौर, हर्षिता सोलंकी, अनीता शर्मा, शोभा ओझा, प्रतिभा तिवारी, साक्षी शर्मा, हरिओम कौशल, जया सोलंकी, लक्ष्मी वर्मा, विकास शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, सुनील मुवेल, श्यामा वर्मा, पारुल कागदी, शिक्षा जगरवाल, विनीता बघेल, संतोष पाल, जितेंद्र सिंह, गोवर्धन डामोर, श्यामा सोलंकी, रेशमा नवाज सहित सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं।

ये भी पढ़ें