सरकार को अफसर पर ऐसा भरोसा ! मंत्रालय ने ही रोक दी IAS अजय कटेसरिया की रिलीविंग, इसलिए अटका दो जिलों में पदभार हस्तांतरण, 4 अगस्त के बाद रतलाम आने का दिया संकेत

आईएएस अजय कटेसरिया की मंत्रालय से रिलीविंग टलने के कारण रतलाम और शहडोल में कलेक्टरों का पदभार हस्तांतरण अटक गया है। महत्वपूर्ण प्रशासनिक फाइलों के चलते उन्हें फिलहाल कार्यमुक्त नहीं किया गया है।

सरकार को अफसर पर ऐसा भरोसा ! मंत्रालय ने ही रोक दी IAS अजय कटेसरिया की रिलीविंग, इसलिए अटका दो जिलों में पदभार हस्तांतरण, 4 अगस्त के बाद रतलाम आने का दिया संकेत
नए कलेक्टर अजय कटेसरिया 4 अगस्त के बाद रतलाम आने का संकेत।

एसीएन टाइम्स @ भोपाल / रतलाम । मध्यप्रदेश सरकार के हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद रतलाम को अभी नए कलेक्टर का थोड़ा इंतजार और करना पड़ेगा। तबादला आदेश जारी होने के पांच दिन बाद भी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी अजय कटेसरिया मंगलवार शाम तक सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से कार्यमुक्त नहीं हो सके। इसका सीधा असर रतलाम और शहडोल दोनों जिलों में कलेक्टर स्तर पर पदभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पर पड़ा है।

सरकार ने बीते शुक्रवार देर रात 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए थे। इनमें सामान्य प्रशासन विभाग में अपर सचिव के रूप में पदस्थ अजय कटेसरिया को रतलाम का नया कलेक्टर बनाया गया था। हालांकि मंत्रालय में लंबित महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों के कारण उनकी रिलीविंग फिलहाल रोक दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्य सचिव के समक्ष यह पक्ष रखा कि कटेसरिया के स्तर पर कई महत्वपूर्ण फाइलों पर कार्रवाई अंतिम चरण में है।

इनमें कर्मचारियों के पदोन्नति संबंधी मामलों के साथ हाईकोर्ट में विचाराधीन प्रकरण भी शामिल हैं। ऐसे में तत्काल कार्यमुक्त किए जाने से विभागीय कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई गई। इसी कारण उन्हें कुछ समय तक मंत्रालय में ही जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

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एक अधिकारी की रिलीविंग रुकी, दो जिलों में अटका पदभार

कटेसरिया के कार्यभार ग्रहण नहीं करने का असर सीधे रतलाम और शहडोल की प्रशासनिक व्यवस्था पर दिखाई दिया। रतलाम की वर्तमान कलेक्टर मिशा सिंह नए अधिकारी को प्रभार सौंपे बिना कार्यमुक्त नहीं हो सकती थीं। वहीं उनके शहडोल जाने की प्रक्रिया भी इसी वजह से आगे नहीं बढ़ सकी।

वैसे कोई भी कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ को चार्ज सौंपकर कार्यमुक्त हो सकता है। रिलीवर (कार्यभार संभालने वाले) का इंतज़ार करना ज़रूरी नहीं है। हालाँकि, यह संबंधित अधिकारी की अपनी मर्ज़ी पर निर्भर है। मिशा सिंह के रिलीव नहीं होने की पीछे वजह अलग बताई जा रही है। इसी बीच राज्य सरकार ने मिशा सिंह के तबादला आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें शहडोल के बजाय अपर आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल पदस्थ कर दिया है। शहडोल अब आईएएस पार्थ जायसवाल जाएंगे।

उधर, शहडोल के वर्तमान कलेक्टर केदार सिंह भी नए कलेक्टर के पदभार ग्रहण किए बिना कार्यमुक्त नहीं हो सके। उनका तबादला लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव के रूप में किया गया है। इस तरह एक अधिकारी की रिलीविंग में हुई देरी से प्रशासनिक फेरबदल की पूरी शृंखला ही प्रभावित हो गई।

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सरकार के दो अहम असाइनमेंट पूरे करने का मिला भरोसा

प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि अजय कटेसरिया ने पिछले एक वर्ष के दौरान सरकार की दो महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इनमें वर्षों से लंबित कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को गति देना और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रारूप तैयार करने से जुड़ा कार्य शामिल है। इन्हीं कारणों से उन्हें बतौर पुरस्कार महत्वपूर्ण मैदानी जिम्मेदारी के रूप में रतलाम जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

4 अगस्त के बाद संभाल सकते हैं रतलाम का प्रभार

अजय कटेसरिया ने एसीएन टाइम्स को बताया कि मंत्रालय में लंबित दायित्व पूरे करने के बाद ही वे रतलाम में कार्यभार ग्रहण करेंगे। उनके अनुसार, सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 4 अगस्त के बाद रतलाम में पदभार संभालने की संभावना है।

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