न्यायालय का फैसला ! चेक बाउंस होने पर LIC एजेंट को एक वर्ष की सजा, 1.11 लाख रुपए अर्थदंड भी हुआ

रतलाम की एक अदालत ने चेक बाउंस होने के मामले में एक एलआईसी एजेंट को साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 1 लाख रुपए से अधिक अर्थदंड भी किया गया है।

Mar 17, 2026 - 00:14
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न्यायालय का फैसला ! चेक बाउंस होने पर LIC एजेंट को एक वर्ष की सजा, 1.11 लाख रुपए अर्थदंड भी हुआ
जिला न्यायालय।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । चेक बाउंस के एक प्रकरण में न्यायालय ने एलआईसी एजेंट सतीश कुमार चौरड़िया को एक वर्ष के कारावास तथा 1 लाख 11 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। फैसला प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय ने सुनाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी सतीश कुमार चौरड़िया ने 2019 में मोहम्मद अशफाक पिता मोहम्मद याकूब, निवासी जावरा रोड, रतलाम से 70 हजार रुपए उधार लिए थे। उधारी की राशि चुकाने के लिए आरोपी द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रतलाम शाखा का 70 हजार रुपए का चेक दिया गया था।

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नोटिस भेजने के बाद भी नहीं किया भुगतान

परिवादी द्वारा उक्त चेक बैंक में प्रस्तुत था। परंतु, आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद परिवादी ने विधि अनुसार नोटिस भेजा, लेकिन आरोपी ने भुगतान नहीं किया।

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मामले में परिवादी की ओर से अधिवक्ता हेमंत चारोड़िया ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी सतीश चौरड़िया को दोषी मानते हुए 13 मार्च 2026 को एक वर्ष के कारावास और 1,11,000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।