बड़ी खबर ! ‘धुरंधर’ पर बॉलीवुड में लगा बैन ! क्या है इसका RSS कनेक्शन ? जानिए- पूरा मामला
फिल्मी दुनिया के ‘धुरंधर’ रणवीर सिंह पर बैन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। FWICE के असहयोग प्रस्ताव, Don 3 विवाद और RSS कनेक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है। जानने के लिए पढ़ें यह खबर...
एसीएन टाइम्स @ डेस्क । इस समय की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर मायानगरी मुंबई से आ रही है। बॉलीवुड के सबसे ऊर्जावान और लगातार बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ रहे सुपरस्टार रणवीर सिंह पर फिल्म इंडस्ट्री में काम करने को लेकर 'असहयोग प्रस्ताव' (Non-cooperation Directive) यानी एक तरह का प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब अभिनेता सफलता के सातवें आसमान पर हैं
‘पावर हाउस’ माने जाने वाले अभिनेता रणवीर सिंह पर लगे प्रतिबंध को बॉलीवुड के इतिहास में यह एक बड़ा मोड़ और घटनाक्रम माना जा रहा है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने यह प्रतिबंध लगाया है। संस्था फिल्म कर्मचारियों और तकनीशियनों की सबसे बड़ी संस्था है जिसने रणवीर सिंह के खिलाफ 'असहयोग प्रस्ताव' जारी किया है। FWICE के महासचिव अशोक दुबे ने साफ किया है कि भारत भर में उनका कोई भी कर्मचारी (स्पॉट बॉय, लाइटमैन, तकनीशियन आदि) रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेगा। इसकी वजह दिग्गज निर्माता-निर्देशक फरहान अख्तर की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'डॉन 3' (Don 3) से रणवीर सिंह का अचानक पीछे हटना बताया जा रहा है।
FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित के अनुसार, फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने शिकायत दर्ज कराई थी कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने से महज तीन हफ्ते पहले रणवीर सिंह ने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। इसके प्री-प्रोडक्शन और तैयारियों पर मेकर्स 45 करोड़ रुपए खर्च कर चुके थे। FWICE ने रणवीर को अपना पक्ष रखने के लिए एक महीने में तीन बार नोटिस भेजा, लेकिन अभिनेता खुद पेश नहीं हुए। उनके सचिवालय की ओर से इस मामले को फेडरेशन के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया गया, जिसके बाद FWICE ने सख्त कदम उठाते हुए अपने सभी संबद्ध कामगारों को रणवीर के साथ काम न करने का निर्देश जारी कर दिया।
प्रतिबंध का क्या और कितना फर्क पड़ेगा?
- रणवीर सिंह की आगामी फिल्म 'प्रलय' के सेट और बड़े विज्ञापनों पर इसका सीधा असर दिख सकता है।
- बड़े बजट की फिल्मों की कास्टिंग / फिल्मों की शूटिंग प्रभावित हो सकती है।
- ब्रांड एंडोर्समेंट डील्स पर असर पड़ सकता है।
- प्रोड्यूसर्स निवेश को लेकर सतर्क हो सकते हैं।
- रणवीर के फैंस और राजनीतिक-सामाजिक समूहों के बीच बहस तेज हो सकती है।
- इंडस्ट्री में “विचारधारा बनाम कला” की नई चर्चा शुरू हो सकती है।
- छोटे कर्मचारियों की रोजी-रोटी भी छिन सकती है।
प्रतिबंध से उठे सवाल
इस प्रतिबंध के बाद बॉलीवुड दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है। मशहूर निर्देशक संजय गुप्ता जैसे कई फिल्ममेकर्स ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब एक ए-लिस्ट स्टार शूटिंग करता है, तो सेट पर 300 से अधिक दिहाड़ी मजदूर काम करते हैं। ऐसे में अभिनेता को रोकने के चक्कर में उन गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाएगी, जिसका कोई मतलब नहीं बनता।
यह भी कहा जा रहा है कि, कानूनी तौर पर कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के नियमों के अनुसार FWICE किसी कलाकार पर पूरी तरह से 'हार्ड बैन' नहीं लगा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में किसी बड़े स्टार को पूरी तरह इंडस्ट्री से अलग करना आसान नहीं है, क्योंकि OTT, स्वतंत्र प्रोडक्शन और डिजिटल प्लेटफॉर्म कलाकारों को वैकल्पिक मंच उपलब्ध कराते हैं।
रणवीर सिंह का पक्ष भी जानें
'धुरंधर' ने दिलाई ऐसी प्रसिद्धि के बन गया रिकॉर्ड
यह प्रतिबंध ऐसे समय में आया है जब रणवीर सिंह बॉक्स ऑफिस के बेताज बादशाह बने हुए हैं। निर्देशक आदित्य धर के निर्देशन में बनी उनकी हालिया फ्रेंचाइजी फिल्मों ने कमाई के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
- रणवीर सिंह की फल्म धुरंधर 1 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया और भारत सहित दुनियाभर में शानदार बिजनेस (लगभग ₹895 करोड़ से ज्यादा) किया।
- दूसरी फिल्म धुरंधर 2 (The Revenge) मार्च 2026 में रिलीज हुई हुई थी। इस सीक्वल ने तो इतिहास ही रच दिया। फिल्म ने वैश्विक स्तर पर ₹1,799 करोड़ से अधिक की विशाल कमाई की है और यह भारतीय सिनेमा के इतिहास की दूसरी सबसे कमाऊ फिल्म बन चुकी है। इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर सफलता के ठीक बाद अभिनेता का इस तरह विवादों में घिरना हर किसी को हैरान कर रहा है।
प्रतिबंध की वजह संघ (RSS) कनेक्शन तो नहीं ?
सिनेमाई गलियारों और सोशल मीडिया पर इस प्रतिबंध को लेकर एक और समानांतर थ्योरी (चर्चा) भी तेजी से वायरल हो रही है। दरअसल, कुछ ही समय पहले रणवीर सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह के सिलसिले में अचानक नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की थी और संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की समाधि पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की थी।इस बेहद गोपनीय और हाई-प्रोफाइल दौरे के तुरंत बाद फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े धड़े द्वारा उन पर इतनी सख्ती बरतना, कयासों के बाजार को गर्म कर रहा है।
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इंडस्ट्री के कुछ विश्लेषक इसे महज एक व्यावसायिक विवाद मान रहे हैं, तो वहीं सोशल मीडिया पर एक वर्ग का दावा है कि वैचारिक मतभेदों और राजनीतिक समीकरणों के चलते 'डॉन 3' के विवाद को इस कदर तूल दिया गया है। हालांकि, फेडरेशन ने इस तरह के राजनीतिक जुड़ाव को पूरी तरह खारिज किया है।
संघ के कार्यक्रमों में दिखने वाले अन्य सितारे
रणवीर सिंह इकलौते ऐसे अभिनेता नहीं हैं जिन्होंने आरएसएस या उसके शताब्दी वर्ष के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराई हो या संगठन की सराहना की हो। इससे पहले भी बॉलीवुड के कई दिग्गज सितारे संघ के कार्यक्रमों या नागपुर मुख्यालय का दौरा कर चुके हैं।
- कंगना रनौत : वे खुलकर संघ की विचारधारा और सामाजिक कार्यों का समर्थन करती रही हैं।
- विवेक ओबेरॉय : कई मौकों पर संघ के सांस्कृतिक और सामाजिक मंचों पर नजर आ चुके हैं।
- नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी : उन्होंने भी संघ से जुड़े सांस्कृतिक निकायों (जैसे चित्रभारती) के कार्यक्रमों में शिरकत की है।
- अनुपम खेर और मधुर भंडारकर : ये दोनों दिग्गज भी समय-समय पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात और उनके राष्ट्र-निर्माण के कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं।
- सलमान खान : ये भी संघ के शताब्दी समारोह में शामिल हुए थे। सलमान संघ के अनुशासन के अनुसार समय पर पहुंचे थे, वंदेमातरम् भी कहा और सर संघचालक मोहन भागवत के उद्बोधन के बाद ही वहां से गए थे।
- अन्य कलाकारों में पल्लवी जोशी, मनोज जोशी, आशुतोष राणा, मुकेश खन्ना भी संघ के कार्यक्रमों में देखे गए हैं।
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