मासूमों के निवाले पर डाका ! आंगनवाड़ियों में बच्चों को नहीं मिला पर्याप्त भोजन तो कहीं 6 माह में सिर्फ 3 बार ही मिला, कलेक्टर की हिदायत पर हुई जांच तो मिली लापरवाहियां

रतलाम में सरकारी खजाने पर डाका डालने वाले लोग आंगनवाड़ी के मासूम बच्चों से निवाला भी छीन रहे हैं। कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में आंगनवाड़ियों में बड़े पैमाने पर लापरवाहियां मिली हैं।

Mar 6, 2026 - 20:58
Mar 6, 2026 - 22:27
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मासूमों के निवाले पर डाका ! आंगनवाड़ियों में बच्चों को नहीं मिला पर्याप्त भोजन तो कहीं 6 माह में सिर्फ 3 बार ही मिला, कलेक्टर की हिदायत पर हुई जांच तो मिली लापरवाहियां

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कागजों पर आंकड़े बढ़ाने में व्यस्त महिला एवं बाल विकास विभाग का अमला मासूमों के निवाले पर डाका डालने से भी नहीं चूक रहा। जिले में किसी आंगनवाड़ी में 6 माह में सिर्फ 3 बार बच्चों को भोजन दिया गया तो कहीं रोज ही कम परोसा जा रहा है। यानी जिन बच्चों को पर्याप्त आहार ही नहीं मिल रहा, उनके पोषण और पोषित होने की बात करना तो बेमानी ही है। भला हो कलेक्टर मिशा सिंह जिनकी हिदायत के बाद विभाग के जिम्मेदार आंगनवाड़ियों में झांकने निकले तो लापरवाहियां उजागर होनी शुरू हो गईं।

कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देश पर विकसित व्यवस्था के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा परियोजनाओं में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की शुक्रवार को आकस्मिक जांच की गई। अधिकारियों द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण के दौरान पाड़लिया घाटा जोधपुरा गांव के गंगा स्वयं सहायता समूह द्वारा सांझा चूल्हा योजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण आहार नियमित रूप से प्रदाय नहीं किया जाने की बात सामने आई। इससे गंगा स्वयं सहायता समूह का बाजना परियोजना से किया गया अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।

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9 पर्यवेक्षकों का वेतन राजसात, 13 समूहों की राशि काटी

इसके अलावा जिले की अनेक आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार का निर्धारित मेनू चस्पा नहीं होने एवं सफाई का स्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। पोषण आहार वितरण में भी अनियमितता पाई गई। इसके अलावा हितग्राहियों के मान से भोजन की मात्रा अपर्याप्त दी जाने तथा गुणवत्ता भी अच्छी नहीं होने की बात भी सामने आए। इसके चलते कलेक्टर के आदेश पर 9 आंगनवाड़ी केन्द्रों की पर्यवेक्षकों का एक-एक दिन का वेतन तत्काल प्रभाव से राजसात किया गया। 1 पर्यवेक्षक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। साथ ही जिले के 13 स्थानीय स्व सहायता समूहों की एक दिवस की पोषण आहार की राशि काटी गई है।

इनका वेतन किया राससात

आंगनवाड़ी केन्द्र गढ़ी सैलाना की पर्यवेक्षक कंचन त्रिवेदी, आंगनवाड़ी केन्द्र जाम्बूड़िया सैलाना की पर्यवेक्षक अनीता खांदल, नई आबादी भूतेड़ा जावरा ग्रामीण की ममता शर्मा, कलसिया-2 आलोट एवं लक्ष्मीपुरा आलेट की पर्यवेक्षक धापू मालवीय, डॉट की पुलिया रतलाम शहर-1 एवं नजरअली की चाल रतलाम शहर-1 की पर्यवेक्षक हेमलता वासेन, भाटों का वास रतलाम शहर-2 की पर्यवेक्षक लक्ष्मी पंवार एवं आंगनवाड़ी केन्द्र अशोकनगर-1 रतलाम शहर-2 की पर्यवेक्षक मालती शर्मा का एक दिवस का वेतन तत्काल प्रभाव से राजसात किया गया।

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इन समूहों की राशि काटी

आंगनवाड़ी केन्द्र कलसिया के राधा स्व सहायता समूह, लक्ष्मीपुरा के स्वतंत्रता स्व सहायता समूह, डाट की पुलिया फ्रीगंज रतलाम के भेरूनाथ स्व सहायता समूह त्रिपोलिया गेट, नजरअली की चाल के भेरूनाथ स्व सहायता समूह, त्रिपोलिया गेट डोंगरा नगर-02 के नेहा स्व सहायता समूह (जावरा रोड रतलाम), नई आबादी पिपलौदा के शुभम स्व सहायता समूह, भाटखेड़ी के दिव्यमाला आजीविका स्व सहायता समूह, अर्जला के सांवलिया स्व सहायता समूह, नई आबादी भूतेड़ा के महावीर स्व सहायता समूह, गढ़ी खाखरापाड़ा के जय संतोषी मां स्व सहायता समूह, जांबुड़िया पार्वती स्व सहायता समूह, अशोकनगर-01 के सोमू स्व सहायता समूह (तेजा नगर रतलाम), रुंडी का टापरा के कृष्णा स्व सहायता समूह का एक दिवस के पोषण आहार की राशि का देयक अमान्य कर राशि काटी गई है।

6 माह में सिर्फ 3 बार भेजा भोजन

आंगनवाड़ी केन्द्र जांबुड़िया (बेड़दा) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में यहां अत्यधिक अंसतोषजनक स्थित पाई गई। पता चला कि अनुबंधित स्व सहायता समूह द्वारा छः माह में सिर्फ तीन बार भोजन भेजा गया। भोजन नहीं आने से केन्द्र पर बच्चों की उपस्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बच्चों को पोषण आहार नियमित रूप से प्रदाय नहीं किया जा रहा है। इससे महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बेड़दा परिक्षेत्र पर्यवेक्षक अनीता खांदल को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। इसका लिखित जवाब 03 कार्यदिवस के अंदर प्रस्तुत नहीं करने पर एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।