परीक्षा की बड़ी गलती उजागर ! री-टोटलिंग में छात्र के 60 अंक बढ़े, 13 से पहुंचे 73 अंक; 91.4% के साथ गर्वित को मिला स्कूल में तीसरा स्थान

रतलाम के एक निजी स्कूल के छात्र के MP बोर्ड रिजल्ट में बिजनेस स्टडीज़ विषय में पहले 13 अंक मिले थे जो री-टोटलिंग के बाद अंक बढ़कर 73 हो गए।

May 8, 2026 - 21:52
May 8, 2026 - 22:42
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परीक्षा की बड़ी गलती उजागर ! री-टोटलिंग में छात्र के 60 अंक बढ़े, 13 से पहुंचे 73 अंक; 91.4% के साथ गर्वित को मिला स्कूल में तीसरा स्थान
गर्वित चौरड़िया जिसे पहले सिर्फ 13 अंक मिले थे लेकिन रिटोटलिंग में बढ़ कर 73 हो गए।

श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल के छात्र की मार्कशीट में बड़ा सुधार, परिवार और स्कूल में खुशी का माहौल

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। री-टोटलिंग प्रक्रिया के दौरान श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर के छात्र गर्वित चौरड़िया के अंक में भारी अंतर आया। पहले जहां उसे बिजनेस स्टडीज़ विषय में मात्र 13 अंक दिए गए थे, वहीं पुनर्गणना के बाद अंक बढ़कर 73 हो गए।

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अंकों में हुए इस बड़े सुधार के बाद छात्र का कुल परीक्षा परिणाम 91.4 प्रतिशत पहुंच गया और उसने स्कूल की मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया। 15 अप्रैल को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित परिणाम में गर्वित चौरड़िया को बिजनेस स्टडीज़ विषय में बेहद कम अंक दिए गए थे। परिणाम देखकर छात्र और परिजन हैरान रह गए, क्योंकि छात्र की तैयारी और परीक्षा प्रदर्शन को देखते हुए इतने कम अंक अप्रत्याशित थे। इसके बाद शिक्षकों के सुझाव पर परिजन ने री-टोटलिंग और उत्तरपुस्तिका की प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया अपनाई।

उत्तरपुस्तिका जांच में सामने आई बड़ी त्रुटि

उत्तरपुस्तिका की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि छात्र ने वास्तव में 80 में से 73 अंक प्राप्त किए थे, लेकिन परिणाम में केवल 13 अंक दर्ज कर दिए गए थे। अंक सुधार के बाद छात्र का कुल प्रतिशत बढ़कर 91.4 हो गया। स्कूल प्रबंधन ने इसे छात्र की मेहनत की जीत बताते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल की मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न भी खड़े किए हैं।

स्कूल और परिवार में खुशी

छात्र गर्वित चौरड़िया, शैलेंद्र चौरड़िया के पुत्र हैं। परिणाम संशोधित होने के बाद परिवार, शिक्षकों और सहपाठियों में खुशी का माहौल है। स्कूल प्रबंधन ने छात्र को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों को संदेह की स्थिति में अपने अधिकारों का उपयोग जरूर करना चाहिए।

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शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली की सटीकता को लेकर भी बहस छेड़ दी है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि री-टोटलिंग नहीं कराई जाती, तो एक प्रतिभाशाली छात्र का शैक्षणिक रिकॉर्ड गलत आंकड़ों के साथ दर्ज रह जाता। ऐसा होना किसी भी विद्यार्थी को हतोत्साहित करने के लिए काफी है।

अंक जीवन से बड़े नहीं

परीक्षा परिणामों में कई बार तकनीकी या मानवीय त्रुटियां हो सकती हैं। कम अंक आने पर अनेक विद्यार्थी मानसिक तनाव में आ जाते हैं और कुछ मामलों में गलत कदम भी उठा लेते हैं, जिसका गहरा असर पूरे परिवार पर पड़ता है।

अत: एसीएन टाइम्स का सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों से के लिए यही संदेश है कि एक मार्कशीट जिंदगी का अंतिम सत्य नहीं होती। यदि परिणाम अपेक्षा के अनुरूप न आएं तो पुनर्मूल्यांकन, री-टोटलिंग और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का सहारा लेना चाहिए। धैर्य और संवाद हर कठिन परिस्थिति का सबसे बड़ा समाधान है।

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Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।