रतलाम में पूर्व CM दिग्विजय सिंह का भाजपा पर हमला, राम मंदिर चंदे, EVM और भ्रष्टाचार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- 'चंदा चोरी करने वालों का मेरे घर आना वर्जित होगा'
रतलाम दौरे पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे, EVM, भ्रष्टाचार, भाजपा सरकार, राहुल गांधी और 100 करोड़ रुपये की जमीन विवाद को लेकर कई बड़े बयान दिए।
रतलाम प्रवास पर पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार, राम मंदिर ट्रस्ट और चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल; राहुल गांधी और जमीन विवाद पर सफाई भी दी
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शनिवार शाम रतलाम दौरे पर पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर निर्माण में कथित चंदे की पारदर्शिता, ईवीएम (EVM) की विश्वसनीयता, भ्रष्टाचार, भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली तथा अन्य समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे का मुद्दा उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह अपने घर के बाहर पोस्टर लगवाएंगे, जिस पर लिखा होगा कि "चंदा चोरी करने वाले संगठन का मेरे यहाँ आना पूरी तरह से वर्जित है।" उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए धन के उपयोग में पारदर्शिता नहीं है।
उनका दावा था कि सिंधी समाज के लोगों द्वारा दान की गई करीब 200 किलो चांदी की ईंटों और सोने के जेवरों की कोई रसीद नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था, लेकिन उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मनोनीत ट्रस्टियों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार हो रहा है।
ये भी पढ़ें
'भ्रष्टाचार भाजपा के लिए मुद्दा नहीं'
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा के लिए भ्रष्टाचार कोई मुद्दा नहीं रह गया है।
उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा, "कांग्रेस सरकार में अशोक चव्हाण को केवल एक फ्लैट आवंटन विवाद के कारण मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं भाजपा का तरीका है- खूब खाओ और खूब खिलाओ, अकेले मत खाओ, हमें भी हिस्सा दो। किसी भी मामले में फंसोगे तो हम बचा लेंगे।"
पूर्व सीएम ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन पर भाजपा ने पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, बाद में उन्हें पार्टी में शामिल कर मुख्यमंत्री बना दिया गया।
ये भी पढ़ें
कांग्रेस की हार के दो कारण गिनाए, EVM पर सवाल उठाए
चुनावों में कांग्रेस की हार और कई राज्यों में बढ़त खोने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने दो प्रमुख कारण गिनाए। उन्होंने कहा कि पहला कारण हिंदू-मुस्लिम के नाम पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण और दूसरा ईवीएम का खेल है।
ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब 18 वर्ष का एक छात्र सीबीएसई (CBSE) का पोर्टल हैक कर सकता है, तो ईवीएम का सॉफ्टवेयर क्यों हैक नहीं हो सकता?
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि यदि ईवीएम में गड़बड़ी संभव थी तो लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटों पर ही क्यों सिमट गई, तो उन्होंने जवाब दिया कि भाजपा को मिली 240 सीटों में बड़ी संख्या गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से आई है, जहाँ उनके अनुसार ईवीएम में गड़बड़ी हुई।
ये भी पढ़ें
राहुल गांधी न्यायालय की गरिमा का सम्मान किया
राहुल गांधी द्वारा न्यायालय में माफी मांगने से जुड़े प्रश्न पर दिग्विजय सिंह ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने केवल न्यायालय की गरिमा का सम्मान करते हुए एक बार माफी मांगी थी।
करीब 100 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन से जुड़े विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास इस मामले में गलत जानकारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह 'गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट' (सरकार से सरकार) हस्तांतरण का है। उनके अनुसार संबंधित संस्था एक सरकारी न्यास (ट्रस्ट) है, जिसके पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी इस ट्रस्ट के अध्यक्ष रह चुके हैं, इसलिए इसे निजी लाभ का मामला बताना पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन है।
ये भी पढ़ें








