बीएसी व जन शिक्षकों की नियुक्ति बनी मजाक, सूची में कई शिक्षकों के नाम गायब होने से काउंसलिंग स्थगति, 3 घंटे परेशान हुए शिक्षक
जिला शिक्षा केंद्र द्वारा आयोजित बीएससी और जनशिक्षकों की काउंसिलिंग विवादों में घिर गई है। दोनों पदों के लिए तैयार की गई पात्रता सूची में कई नाम छूटने को लेकर कर्मचारी संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई। इससे सूची अपडेट कर नए सिरे से काउंसिलिंग का निर्णय लिया गया।

कर्मचारी संगठनों ने दर्ज करवाई आपत्ति, कहा- निराकरण नहीं हुआ तो न्यायालय की लेंगे शरण
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जन शिक्षकों की नियुक्त रतलाम जिले में मजाक बनकर रह गई है। शिक्षा विभाग, आदिवासी विकास विभाग और जिला शिक्षा केंद्र में तालमेल के अभाव के कारण शिक्षकों की फजीहत हो रही है। दोनों पदों की नियुक्ति के लिए बुधवार को आयोजित की गई काउंसिलिंग पात्र शिक्षकों की सूची में गड़बड़ी होने के कारण स्थगित कर दी गई। जिम्मेदारों ने इसे नए सिरे से आयोजित करने की बात कही है।
जिला शिक्षा केंद्र द्वारा बुधवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जन शिक्षकों की नियुक्ति के लिए काउंसिलिंग का आयोजन किया गया था। सुबह 10.30 बजे से आयोजित होने वाली काउंसिलिंग में जिम्मेदार अफसर समय पर पहुंचे ही नहीं। सुबह करीब 11 बजे काउंसलिंग के पात्र शिक्षक और अफसर कुर्सियों पर बैठे। काउंसिलिंग के लिए डीपीसी मोहनलाल सांसरी, डाइट के प्रभारी प्राचार्य नरेंद्र गुप्ता, प्रभारी एपीसी विट्ठललाल बुच व कांतिलाल डोडियार मौजूद थे। कार्रवाई शुरू होती उससे पहले ही कर्मचारी नेताओं ने काउंसिलिंग के लिए जारी की गई पात्र शिक्षकों की सूची को लेकर आपत्ति दर्ज करा दी।
मप्र आजाद अध्यापक संघ के सभागीय अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला, मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के श्याम टेकवानी, चरणसिंह चौधरी, गोपाल बोरिया आदि ने लिखित आपत्ति दी। उनका कहना था कि पात्रता सूची में कई नाम शामिल नहीं किए गए हैं। यह गंभीर त्रुटि है। अतः जब तक सूची अपडेट नहीं हो जाती तब तक वे काउंसिलिंग नहीं होने देंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि अभी सुधार नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन न्यायालय की शरण लेना पड़ेगी। उनका तर्क था कि पूर्व में हुई काउंसिलिंग को लेकर भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी जिसका निराकरण अभी तक नहीं हुआ है।
प्रभारी एपीसी की समझाइश नहीं आई काम
प्रभारी एपीसी डोडियार ने आपत्ति दर्ज कराने वाले शिक्षकों और कर्मचारी नेताओं को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने नए-पुराने आदेशों और विधानसभा में उठे प्रश्न का हवाला भी दिया लेकिन कर्मचारी नेता नहीं मानें। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ जमुना भिड़े, जिला शिक्षा अधिकारी के.सी. शर्मा और आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त पारुल जैन को बुलाने की बात की। उनका कहना था कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी आपत्तियों का निराकरण नहीं कर देते तब तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने देंगे। नतीजतन काउंसिलिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी आपस में भिड़े
प्रक्रिया रुकने पर जिला शिक्षा अधिकारी के. सी. शर्मा मौके पर पहुंचे और कर्मचारी नेताओं की आपत्ति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान शर्मा और डीपीसी सांसरी में पात्रता सूची को लेकर कहा-सुनी हो गई। जिला शिक्षा अधिकारी शर्मा का कहना था कि पात्रता सूची उनके द्वारा जारी नहीं की गई है। विवाद बढ़ता देख शर्मा बिना कुछ कहे ही वहां से चलते बने। कुछ ही देर बाद डीपीसी सांसरी और प्रभारी एपीसी सहित अन्य भी रवाना हो गए। इससे काउंसिलिंग में शामिल होने आए शिक्षक परेशान होते रहे।
सहायक आयुक्त ने भी माना सूची गड़बड़ है
दोपहर करीब 1.10 बजे डीपीसी सांसरी, एपीसी बुच सहित अन्य आयोजन स्थल वापस लौटे। अगले ही पल आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त पारुल जैन भी पहुंची। उन्होंने डीपीसी सहित अन्य से मामला समझा और मानसिंह भगोरा और कर्मचारी नेता चरण सिंह चौधरी से आपत्तियों को लेकर चर्चा की। आपत्ति और सूची देखने के बाद सहायक आयुक्त जैन ने स्वीकार किया कि पात्रता सूची में त्रुटि है और करीब 25 शिक्षकों के नाम छूट गए हैं।
... और स्थगित हो गई काउंसिलिंग, आपत्ति दर्ज करने के लिए 2 दिन की मोहलत
सहायक आयुक्त जैन ने छूटे नाम सूची में अपडेट कर संभागीय उपायुक्त को भेजने की बात कही। उन्होंने कहा वहां से अपडेट सूची प्राप्त होने पर पुनः काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। इस पर मप्र आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने सहायक आयुक्त से आपत्ति दर्ज कराने के लिए थोड़ी मोहलत दिए जाने का आग्रह किया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। जैन ने वहां मौजूद सभी शिक्षकों से स्पष्ट कहा कि यदि किसी अन्य का नाम भी छूट गया है अथवा अन्य कोई आपत्ति है तो दो दिन में अवगत करवा दें। इसके बाद किसी भी प्रकार की आपत्ति को मान्य नहीं किया जाएगा।