स्नेह मिलन : 40 साल बाद मिले इंजीनियर फिर बन गए ‘स्टूडेंट’, किसी ने पुरानी क्लास खोजी, किसी ने दोस्त का कंधा और छलक पड़ी यादें
जावरा पॉलिटेक्निक कॉलेज के पूर्व छात्रों का दो दिवसीय स्नेह मिलन समारोह भावनाओं, सम्मान और यादों से सराबोर रहा। इंजीनियर गोविंद काकानी, प्राचार्य इंदल सिंह और वरिष्ठ पूर्व छात्रों का सम्मान किया गया।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । चार दशक पहले जिन हाथों में ड्राइंग शीट, फाइलें और सपने थे, वही हाथ जब वर्षों बाद जावरा में एक-दूसरे से मिले तो माहौल सिर्फ औपचारिक नहीं रहा, भावनात्मक हो गया। किसी ने दोस्त को देखते ही बाहों में भर लिया, कोई पुरानी क्लास रूम में जाकर चुपचाप बैठ गया, तो कोई छात्र जीवन के किस्सों में खो गया।
यह नजारा था जावरा के द ग्रैंड पदमा रिजॉर्ट्स कहा जहां डॉ. गोविंदराम तोंदी शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के पूर्व छात्रों के दो दिवसीय स्नेह मिलन समारोह हुआ। यहां ऐसा लगा मानो जिंदगी ने अचानक रिवाइंड होकर सभी को फिर उसी दौर में पहुंचा दिया हो, जहां दोस्ती सबसे बड़ी पहचान थी और सपनों की शुरुआत यहीं से हुई थी। जैसे ही पुराने साथियों ने एक-दूसरे को देखा, वर्षों का फासला कुछ ही पलों में मिट गया।
किसी ने दोस्त को देखते ही गले लगा लिया, किसी ने हाथ पकड़कर- “तू बिल्कुल नहीं बदला”, तो कोई चुपचाप उन चेहरों को देखता रहा जिनके साथ कभी पूरी जवानी का सबसे खूबसूरत समय बीता था। देशभर में इंजीनियरिंग, प्रशासन और विभिन्न सेवाओं में अपनी पहचान बना चुके जावरा पॉलिटेक्निक कॉलेज के पूर्व छात्रों का दो दिवसीय स्नेह मिलन समारोह भावनाओं, सम्मान और यादों का ऐसा संगम बन गया, जिसने हर मौजूद व्यक्ति को भीतर तक छू लिया।
पुराने मित्रों से मिलना वर्तमान जीवन को सार्थक बनाता है- टांक
समारोह का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष इंजीनियर के.एल. टाक एवं समिति सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती तथा भारतरत्न सर एम. विश्वेश्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। दीप की लौ के साथ ही जैसे यादों के दरवाजे भी खुल गए। प्रथम सत्र में स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम अध्यक्ष इंजीनियर के. एल. टांक ने कहा कि पूर्व छात्र मिलन समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा का संचार करने वाला अवसर होता है। पुराने मित्रों से मिलना वर्तमान जीवन को सार्थक बनाता है और व्यक्ति को अपनी जड़ों से दोबारा जोड़ देता है।
साझा किए जिंदगी के अनमोल क्षण
इसके बाद एक-एक कर सभी इंजीनियर सदस्यों ने मंच पर पहुंचकर अपना परिचय दिया। किसी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में दी गई सेवाओं का उल्लेख किया, किसी ने अपने संघर्षों और उपलब्धियों को साझा किया, तो किसी ने छात्र जीवन के दिनों को अपनी सफलता की सबसे मजबूत नींव बताया। पूरे सदन में बार-बार तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
संचालन नहीं, परिवार की तरह आयोजन को बढ़ाया आगे
समारोह के सफल संचालन और सूत्रधार की भूमिका इंजीनियर गोविंद काकानी ने निभाई। उनका आत्मीय संचालन पूरे आयोजन की भावनात्मक धड़कन बन गया। वे केवल मंच का संचालन नहीं कर रहे थे, बल्कि हर साथी की स्मृतियों, उपलब्धियों और भावनाओं को जोड़ते हुए पूरे समारोह को एक परिवार की तरह आगे बढ़ा रहे थे।
शाम ढली तो संगीत, सम्मान और यादों ने बांध लिया समां
द्वितीय सत्र में शाम को गोविंद राम तोदी पॉलिटेक्निक कॉलेज, जावरा के प्राचार्य इंदल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजीनियर कांतिलाल टाक ने की। मंच पर जैसे ही पुराने साथियों का सम्मान शुरू हुआ, सभागार तालियों से गूंज उठा। वरिष्ठ इंजीनियरों का शाल, श्रीफल, माला, अंगवस्त्र एवं सम्मान पत्र देकर अभिनंदन किया गया। यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन वर्षों का भी था जिन्हें उन्होंने देश सेवा, तकनीकी क्षेत्र और समाज को समर्पित किया।
आरडीए अध्यक्ष बने पूर्व छात्र काकानी का हुआ अभिनंदन
रतलाम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किए जाने पर इंजीनियर गोविंद काकानी का विशेष सम्मान किया गया। उन्हें शाल, श्रीफल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष द्वारा उनके सेवा कार्यों की विस्तृत जानकारी भी सदन को दी गई। जैसे ही उनके कार्यों का उल्लेख हुआ, पूरा वातावरण गर्व और तालियों से गूंज उठा।
मोबाइल कैमरे में कैद किए क्षण
समारोह में शामिल सभी पूर्व छात्रों को भी मुख्य अतिथि प्राचार्य इंदल सिंह एवं अध्यक्ष इंजीनियर के. एल. टांक द्वारा अंगवस्त्र, माला और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बीच-बीच में मधुर संगीत ने माहौल को और आत्मीय बना दिया। कई साथी गीतों के साथ पुरानी यादों में डूबते नजर आए, तो कई मोबाइल कैमरों में इन पलों को हमेशा के लिए कैद करते दिखाई दिए।
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दूसरे दिन कॉलेज पहुंचते ही फिर “स्टूडेंट” बन गए सभी
स्नेह मिलन के दूसरे दिन सभी पूर्व छात्र गोविंद राम तोदी पॉलिटेक्निक कॉलेज, जावरा पहुंचे। कॉलेज परिसर में कदम रखते ही ऐसा लगा मानो समय अचानक चार दशक पीछे लौट गया हो। कोई अपनी पुरानी क्लास खोज रहा था, कोई उस कोने को देख रहा था जहां दोस्तों के साथ घंटों बैठा करता था। कई साथी अपनी-अपनी कक्षाओं में जाकर चुपचाप बैठ गए। दीवारें वही थीं, गलियारे वही थे, लेकिन उन्हें देखने वाली आंखों में अब अनुभवों की गहराई और यादों की नमी थी।
कॉलेज का प्रयास हर छात्र रोशन करे नाम- इंदल सिंह
कॉलेज परिसर में पूर्व छात्रों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य इंदल सिंह ने की। अपने संबोधन में प्राचार्य इंदल सिंह ने कहा कि कॉलेज का हमेशा प्रयास रहता है कि यहां से निकलने वाला प्रत्येक छात्र संस्था का नाम रोशन करे। उन्होंने भविष्य में पॉलिटेक्निक कॉलेज में होने वाली विस्तार योजनाओं की जानकारी भी सभी पूर्व छात्रों को दी। उनके संबोधन में संस्था के प्रति समर्पण और छात्रों के प्रति आत्मीयता साफ दिखाई दी।
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'किसी भी ऊंचाई पर पहुंचे, गुरुजन का ऋण नहीं भूल सकते'
मिलन समारोह समिति अध्यक्ष इंजीनियर के. एल. टांक ने अपने संबोधन में कहा कि हम इस संस्था और अपने गुरुजनों के सदैव आभारी हैं, जिन्होंने हमें इस योग्य बनाया कि हम देश सेवा एवं मानव सेवा जैसे पुण्य कार्य कर सके। उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे व्यक्ति कितनी भी ऊंचाइयों तक पहुंच जाए, लेकिन अपनी शिक्षा और अपने गुरुजनों का ऋण कभी नहीं भूल सकता।
इनका रहा सराहनीय योगदान
पूर्व छात्र मिलन समारोह 2026 को सफल बनाने में महासचिव पी. के. पाठक, कोषाध्यक्ष के. एम. कसोट, उपाध्यक्षगण अनिल तिवारी, डी. के. मजावदिया, एम. एल. पाटीदार, ओम प्रकाश पाटीदार, हरीश मालवी, एस. के. नाहटा, नीरज मेहता तथा भोजन व्यवस्था प्रमुख सुरेंद्र कुमार पोखरना का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।
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‘अगली मुलाकात में इतना इंतजार नहीं...’
अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। इसके बाद जब साथी एक-दूसरे से विदा लेने लगे तो चेहरों पर मुस्कान थी, लेकिन आंखों में फिर मिलने की उम्मीद भी साफ दिखाई दे रही थी। कोई मोबाइल में नंबर सेव कर रहा था, कोई पुराने फोटो साझा कर रहा था, तो कोई जाते-जाते बस इतना कह रहा था- “अब अगली मुलाकात में इतना इंतजार नहीं करेंगे…”










